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Ayodhya News: वैज्ञानिक संरक्षण के अभाव में ‘गुमनामी बाबा’ के सामान पर संकट
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 23 Feb 2026 09:23 PM IST
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21- रामकथा संग्रहालय में इस तरह रखे गए हैं गुमनामी बाबा के सामान- संवाद
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अयोध्या। रामनगरी स्थित तुलसी स्मारक भवन में सुरक्षित रखे गए ‘गुमनामी बाबा’ से जुड़े ऐतिहासिक सामानों के संरक्षण को लेकर चिंता गहराने लगी है। इन वस्तुओं के वैज्ञानिक उपचार और दीर्घकालिक संरक्षण की व्यवस्था न होने पर उनके नष्ट होने की आशंका जताई गई है। सुभाष चंद्र बोस राष्ट्रीय विचार मंच ने इस संबंध में 18 फरवरी को प्रदेश के पर्यटन मंत्री को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
बहुत से लोगों का मानना है कि गुमनामी बाबा ही नेता जी सुभाष चंद्र बोस थे, हालांकि यह सिद्ध नहीं हो सका है। अयोध्या के राम भवन में गुमनामी बाबा ने अंतिम सांस ली थी।राम भवन के उत्तराधिकारी और सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष शक्ति सिंह का कहना है कि गुमनामी बाबा के सामान केवल व्यक्तिगत वस्तुएं नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। यदि समय रहते इनका वैज्ञानिक संरक्षण नहीं कराया गया तो अमूल्य दस्तावेज, पत्र, पुस्तकें और अन्य सामग्री नमी, दीमक व वातावरणीय प्रभाव से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
उन्होंने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से संग्रहालय की स्थापना कर समस्त सामग्रियों को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित एवं प्रदर्शित कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि गुप्तार घाट पर स्थित गुमनामी बाबा के समाधिस्थल के पास ही संग्रहालय बनाकर सामान रखा जाना चाहिए। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और धरोहर संरक्षित की जा सकेगी।
रामकथा संग्रहालय में संरक्षित की गई थीं 427 वस्तुएं
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी ललिता बोस की ओर से दायर याचिका के क्रम में उच्च न्यायालय की ओर से पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में राम भवन से प्राप्त कुल 2760 सामग्रियों को तत्कालीन रूप से राजकीय कोषागार में सुरक्षित रख दिया गया था। शक्ति सिंह की ओर से दायर याचिका के आदेश के क्रम में उच्च न्यायालय ने समस्त सामग्रियों के लिए एक अलग संग्रहालय स्थापित कर उन्हें प्रदर्शित किए जाने का निर्देश दिया था। उन सामग्रियों में से केवल 427 वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखा गया। अब संग्रहालय को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जाने के बाद, वहां रखी गई वस्तुओं को तुलसी स्मारक भवन में रखा गया है। संपूर्ण सामग्री बिना किसी वैज्ञानिक संरक्षण के रखी हुई है, जिससे उनके नष्ट होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
वस्तुओं से होता है नेताजी का भान
गुमनामी बाबा के पास से मिले वस्तुओं में ब्रिटेन निर्मित टाइप राइटर और रिकाॅर्ड प्लेयर, नेताजी के परिवार की तस्वीरें, नेताजी की कथित मौत की सच्चाई जानने के लिए शाहनवाज एवं खोसला आयोग की रिपोर्ट की प्रति, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीति, युद्ध और आजाद हिंद फौज से संबंधित साहित्य का संग्रह शामिल है। इन वस्तुओं से गुमनामी बाबा के नेता जी होने का भान होता है।
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बहुत से लोगों का मानना है कि गुमनामी बाबा ही नेता जी सुभाष चंद्र बोस थे, हालांकि यह सिद्ध नहीं हो सका है। अयोध्या के राम भवन में गुमनामी बाबा ने अंतिम सांस ली थी।राम भवन के उत्तराधिकारी और सुभाषचंद्र बोस राष्ट्रीय विचार केंद्र के अध्यक्ष शक्ति सिंह का कहना है कि गुमनामी बाबा के सामान केवल व्यक्तिगत वस्तुएं नहीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। यदि समय रहते इनका वैज्ञानिक संरक्षण नहीं कराया गया तो अमूल्य दस्तावेज, पत्र, पुस्तकें और अन्य सामग्री नमी, दीमक व वातावरणीय प्रभाव से क्षतिग्रस्त हो सकती हैं।
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उन्होंने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से संग्रहालय की स्थापना कर समस्त सामग्रियों को वैज्ञानिक ढंग से संरक्षित एवं प्रदर्शित कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि गुप्तार घाट पर स्थित गुमनामी बाबा के समाधिस्थल के पास ही संग्रहालय बनाकर सामान रखा जाना चाहिए। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और धरोहर संरक्षित की जा सकेगी।
रामकथा संग्रहालय में संरक्षित की गई थीं 427 वस्तुएं
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भतीजी ललिता बोस की ओर से दायर याचिका के क्रम में उच्च न्यायालय की ओर से पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में राम भवन से प्राप्त कुल 2760 सामग्रियों को तत्कालीन रूप से राजकीय कोषागार में सुरक्षित रख दिया गया था। शक्ति सिंह की ओर से दायर याचिका के आदेश के क्रम में उच्च न्यायालय ने समस्त सामग्रियों के लिए एक अलग संग्रहालय स्थापित कर उन्हें प्रदर्शित किए जाने का निर्देश दिया था। उन सामग्रियों में से केवल 427 वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में रखा गया। अब संग्रहालय को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को हस्तांतरित किए जाने के बाद, वहां रखी गई वस्तुओं को तुलसी स्मारक भवन में रखा गया है। संपूर्ण सामग्री बिना किसी वैज्ञानिक संरक्षण के रखी हुई है, जिससे उनके नष्ट होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
वस्तुओं से होता है नेताजी का भान
गुमनामी बाबा के पास से मिले वस्तुओं में ब्रिटेन निर्मित टाइप राइटर और रिकाॅर्ड प्लेयर, नेताजी के परिवार की तस्वीरें, नेताजी की कथित मौत की सच्चाई जानने के लिए शाहनवाज एवं खोसला आयोग की रिपोर्ट की प्रति, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीति, युद्ध और आजाद हिंद फौज से संबंधित साहित्य का संग्रह शामिल है। इन वस्तुओं से गुमनामी बाबा के नेता जी होने का भान होता है।
