Ayodhya News: 'संपत्ति के आरोप निराधार', पूनम यादव बोलीं- अवैध संपत्ति मिली तो रामलला को दान कर देंगे
अयोध्या में पूनम यादव ने अपने परिवार पर लगे आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि संपत्ति के आरोप निराधार हैं। जांच में अवैध संपत्ति मिली तो रामलला को दान कर देंगे। आगे पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूपी के अयोध्या में राम मंदिर की दान पेटिका से जुड़े कथित अनियमितता प्रकरण के बीच आरोपों के घेरे में आए रामशंकर यादव ऊर्फ टिन्नू यादव के परिवार ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। स्वर्गद्वार मोहल्ले में टीनू यादव की पत्नी पूनम यादव ने बातचीत में कहा कि लगातार लगाए जा रहे आरोपों और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार से पूरा परिवार आहत है। जाति के कारण हमें टारगेट किया जा रहा है।
पूनम यादव ने कहा कि उनके परिवार के पास कोई लग्जरी गाड़ी, होटल या अन्य बड़ी व्यावसायिक संपत्ति नहीं है। परिवार की जितनी भी संपत्ति है। उसका पूरा लेखा-जोखा उपलब्ध है। यदि जांच में कोई ऐसी संपत्ति सामने आती है जो अनाधिकृत या आय से अधिक साबित होती है, तो वह पूरी संपत्ति रामलला को दान कर देंगे।
टिन्नू यादव राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं
उन्होंने बताया कि उनके पति टिन्नू यादव लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और उससे जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं। शुरुआती दौर में वे राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख संत रहे रामचंद्र परमहंस के साथ कार्य करते थे। बाद में उनका संपर्क राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से हुआ।
पूनम के अनुसार, जब राम मंदिर से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी त्रिलोकीनाथ पांडेय देखते थे और उनके अस्वस्थ होने के बाद टिन्नू यादव ने कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे राम मंदिर प्रकरण की सुनवाई के दौरान दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर उपस्थित रहते थे। मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद उन्हें व्यवस्थाओं से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी दी गई।
जांच और सत्यापन करने वाले लोगों की बनती है
दान पेटिका प्रकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में पूनम यादव ने कहा कि यदि मंदिर परिसर से कोई धनराशि बाहर गई है तो उसकी जिम्मेदारी जांच और सत्यापन करने वाले लोगों की बनती है। इसमें उनके पति की क्या भूमिका है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि स्वर्गद्वार स्थित उनका मकान पैतृक संपत्ति है। इसमें नीचे दो और ऊपर दो कमरे बने हैं। इसके अलावा दुर्गापुरी में वर्ष 2008 में निर्मित एक मकान है। पूनम यादव ने कहा कि उनके परिवार के सदस्य मनीष यादव उनके भतीजे हैं, जबकि पुत्र रवि यादव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत हैं।
पति के खिलाफ कई बार षड्यंत्र रचे गए
पूनम ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े कार्यों के दौरान उनके पति के खिलाफ कई बार षड्यंत्र रचे गए। वर्तमान विवाद भी उसी कड़ी का हिस्सा है। परिवार जांच में पूरा सहयोग करेगा। हम लोग सच सामने आने का इंतजार कर रहा है।