राम मंदिर चढ़ावा चोरी: जेल पहुंची पुलिस, आरोपी अविनाश शुक्ला से दो घंटे चली पूछताछ, मिले थे 20 लाख रुपये
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जांच का दायरा बढ़ रहा है। पुलिस आरोपियों से चोरी की रकम और उनकी संपत्तियों का हिसाब- किताब पूछ रही है। मामले में कई अन्य आरोपियों से भी जल्दी ही पूछताछ की जाएगी।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब जेल तक पहुंच गई है। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी जिला कारागार पहुंचे और आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। जल्द ही अन्य आरोपियों से भी विधिक प्रक्रिया के तहत पूछताछ की जा सकती है।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। प्रथम चरण में आरोपियों के पास से 79.85 लाख रुपये बरामद हुए थे। इनमें अविनाश शुक्ला के पास से सर्वाधिक 20.39 लाख रुपये मिले थे। विवेचना के दौरान सीओ अयोध्या को सबसे पहले अविनाश से पूछताछ की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके लिए उन्होंने सोमवार को ही कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
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कोर्ट से अनुमति के बाद मंगलवार की दोपहर वह जिला जेल गए और अविनाश से लंबी पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान सीओ ने चढ़ावा चोरी की अवधि, रकम के इस्तेमाल, उससे अर्जित संपत्तियों और धन के लेन-देन से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। चोरी की रकम कहां-कहां खर्च या निवेश की गई और उससे किन-किन संपत्तियों का सृजन किया गया, इस पर सवाल पूछे गए। आरोपी ने चोरी की बात तो स्वीकारी लेकिन चोरी के अवधि पर घुमा-फिराकर जवाब दिया।
इनपुट के आधार पर होगी बरामदगी की कार्रवाई
जांच एजेंसी आरोपी के बयान का अब तक जुटाए गए दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों से मिलान कर रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ से मिलने वाले इनपुट के आधार पर पुलिस आगे नई बरामदगी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी कर सकती है। आवश्यकतानुसार पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए भी अदालत में अर्जी दाखिल की जाएगी। रिमांड मिलने पर आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ, घटनास्थलों का सत्यापन और संभावित बरामदगी की कार्रवाई आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है।
प्रतापगढ़ में भी खंगाली जा रही अविनाश की संपत्ति
आरोपी अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर का रहने वाला है। पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले तक जांच का दायरा बढ़ाया है। सूत्रों के अनुसार आरोपी के पैतृक गांव से लेकर उसके आसपास की संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए प्रतापगढ़ में स्थानीय तहसील की टीम कार्य कर रही है। आरोपी के प्रतापगढ़ जिले के भी बैंक खातों का विवरण देखा जा रहा है। उसके निवेश प्रपत्र, बीमा पॉलिसी आदि का डाटा भी जुटाया जा रहा है।
एमओयू के आधार पर बैंक से भी शुरू हुई पूछताछ
जांच टीम सोमवार को एसबीआई की तुलसी उद्यान शाखा गई थी। वहां से राम मंदिर से हुए एमओयू का विवरण लिया है। उसके अध्ययन के अनुसार बैंक कर्मियों से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार बैंक की ओर से गणना कार्य में लगभग 14 कर्मचारी लगाए गए थे। उनके दायित्वों के अनुसार उनसे भी पूछताछ शुरू की गई है। सभी बिंदुओं पर पूछताछ के बाद बैंक से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
मोबाइल पर थी रोक, कपड़े में छिपाकर ले जाते थे अंदर
पुलिस की जांच में एक और खुलासा हुआ है। गणना में लगे कर्मियों को बिना जेब के ही गणना कक्ष में प्रवेश करना था और मोबाइल लेकर नहीं जाना था। इसके बावजूद वह कपड़े में मोबाइल छिपाकर अंदर ले जाते थे। हालांकि, अंदर से पैसा लेकर किस तरह से निकलते थे, इस पर अभी भी आरोपियों ने खुलकर जवाब नहीं दिया है।