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Ayodhya News: संजू की बहन बोली- मुकदमा किसके लिए लड़ें

संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sat, 11 Apr 2026 09:38 PM IST
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Sanju's sister asked: For whom should we fight the case
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मिल्कीपुर। तहसील क्षेत्र के बोड़ेपुर गांव में मृतका संजू के मायके में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। संजू की बड़ी बहन मंजू ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जब बहन ही नहीं रही, तो अब मुकदमा किसके लिए लड़ें। यह घटना पूरे गांव को स्तब्ध कर गई है।
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मंजू ने बताया कि संजू बहनों में सबसे छोटी और घर की लाडली थी। करीब पंद्रह दिन पहले वह मायके आई थी और तीन दिन रुककर वापस ससुराल चली गई थी। उस समय पति शिवानंद भी साथ आए थे और उन्होंने एक बीघा खेत की गेहूं कटवाने में मदद की थी। परिवार में किसी तरह के विवाद की कोई बात सामने नहीं आई थी। मंजू के अनुसार, पिछले तीन दिन से संजू से कोई बात नहीं हो पाई थी। मां सुमित्रा का मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया था, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई थी। संजू ने छह मार्च को बेटे को जन्म दिया था और पूरा परिवार बेहद खुश था। बच्चा स्वस्थ था, लेकिन अब दोनों ही नहीं रहे।
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पति-पत्नी में था गहरा लगाव, एक दिन के लिए नहीं छोड़ते थे अकेला
परिजनों ने बताया कि शिवानंद कुछ समय पहले रोजगार के सिलसिले में लगभग तीन महीने के लिए लुधियाना गए थे। पत्नी की डिलीवरी से करीब एक माह पहले वह घर लौट आए थे। दोनों पति-पत्नी के बीच गहरा लगाव था। मंजू ने बताया कि वे एक-दूसरे को एक दिन के लिए भी अकेला नहीं छोड़ते थे और हमेशा साथ रहते थे। उनकी शादी बुआ के दामाद के माध्यम से तय हुई थी और दोनों की इतनी अच्छी बनती थी कि कभी किसी ने अलग होने की बात नहीं सोची।



सुलह समझौते का प्रयास, परिवार में पसरा मातम

इस दुखद घटना के बाद संजू की मां सुमित्रा सुलह समझौते के लिए रौनाही थाना गई हुई हैं। मृतक शिवानंद के परिवारीजन भी सुलह समझौते के लिए रौनाही पहुंचे थे। रौनाही थाना प्रभारी लालचंद से बात करने पर उन्होंने बताया कि क्षेत्राधिकारी अवकाश पर हैं। इसलिए अभी किसी का सुलह समझौता नहीं हो पाया है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ। बोड़ेपुर गांव में संजू के मायके का माहौल बेहद गमगीन है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मंजू ने कहा, सच क्या है यह वही बता सकते थे, कहते हुए वह फफक पड़ीं। परिवार को समझ नहीं आ रहा कि एक खुशहाल दिखने वाला परिवार इस तरह कैसे खत्म हो गया।
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