{"_id":"69bc29a2c19abc828a0d17c9","slug":"the-president-installed-the-divine-shri-ram-yantra-in-the-grand-ram-temple-ayodhya-news-c-97-1-ayo1002-145416-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: राष्ट्रपति ने भव्य राम मंदिर में की दिव्य श्रीराम यंत्र की स्थापना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: राष्ट्रपति ने भव्य राम मंदिर में की दिव्य श्रीराम यंत्र की स्थापना
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:21 PM IST
विज्ञापन
श्रीराम यंत्र की स्थापना करतीं राष्ट्रपति।
विज्ञापन
अयोध्या। अयोध्या के भव्य श्रीराम मंदिर में बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक क्षण साकार हुआ, जब अभिजीत मुहूर्त की पावन बेला में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत स्थापना की और उसकी प्रथम आरती उतारी। दीप की लौ के साथ जैसे ही आरती आरंभ हुई, पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष, शंखध्वनि और घंटों के नाद से गुंजायमान हो उठा।
इस दिव्य क्षण तक पहुंचने के लिए पिछले कई दिनों से वैदिक अनुष्ठानों की सतत शृंखला चल रही थी। राष्ट्रपति सुबह 10:30 बजे महर्षि बाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां से सड़क मार्ग से होते हुए राम मंदिर के गेट नंबर 11 से परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद लिफ्ट से राम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचीं। यहां से 40 सीढि़या चढ़कर मंदिर के दूसरे तल पर गईं। जहां राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और आचार्य इंद्रदेव मिश्र सहित अन्य आचार्यों ने विधि-विधानपूर्वक श्रीराम यंत्र का पूजन-अर्चन संपन्न कराया। अभिजीत मुहूर्त में 11:17 बजे राष्ट्रपति ने श्रीराम यंत्र की पहली आरती उतारी।
यहां पूजन के बाद नीचे उतरकर प्रथम तल पर रामपरिवार की आरती उतारी। फिर सिढि़यों से नीचे आकर भूतल में विराजमान रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन हरण...की धुन निरंतर गूंज रही थी। पूजन-अर्चन के बाद उन्होंने परकोटा व मंदिर की दीवारों पर बने म्यूरल्स को भी देखा। वह अपने साथ परिवार के दो बच्चे भी लाई थीं, जो पूजन के दौरान पूरे समय मौजूद रहे। श्रीराम यंत्र स्थापना के समय उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां अमृतानंदमयी, डॉ़ अनिल मिश्र, गोपाल राव भी मौजूद रहे।
राम मंदिर में स्थापित श्रीराम यंत्र की खासियत
- तीन फीट चौड़ा और चार फीटा लंबा श्रीराम यंत्र स्वर्ण मंडित है।
- सिंहासन के ऊपर जय श्रीराम लिखा है।
- श्रीराम यंत्र में 125 देवी-देवताओं के चित्र अंकित हैं।
- महाराष्ट्र के टीक वुड की लकड़ी के फ्रेम में यंत्र निर्मित है।
- लकड़ी यानी फ्रेम का निर्माण हैदराबाद में हुआ है।
Trending Videos
इस दिव्य क्षण तक पहुंचने के लिए पिछले कई दिनों से वैदिक अनुष्ठानों की सतत शृंखला चल रही थी। राष्ट्रपति सुबह 10:30 बजे महर्षि बाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां से सड़क मार्ग से होते हुए राम मंदिर के गेट नंबर 11 से परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद लिफ्ट से राम मंदिर के प्रथम तल पर पहुंचीं। यहां से 40 सीढि़या चढ़कर मंदिर के दूसरे तल पर गईं। जहां राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और आचार्य इंद्रदेव मिश्र सहित अन्य आचार्यों ने विधि-विधानपूर्वक श्रीराम यंत्र का पूजन-अर्चन संपन्न कराया। अभिजीत मुहूर्त में 11:17 बजे राष्ट्रपति ने श्रीराम यंत्र की पहली आरती उतारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां पूजन के बाद नीचे उतरकर प्रथम तल पर रामपरिवार की आरती उतारी। फिर सिढि़यों से नीचे आकर भूतल में विराजमान रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। इस दौरान श्रीराम चंद्र कृपालु भज मन हरण...की धुन निरंतर गूंज रही थी। पूजन-अर्चन के बाद उन्होंने परकोटा व मंदिर की दीवारों पर बने म्यूरल्स को भी देखा। वह अपने साथ परिवार के दो बच्चे भी लाई थीं, जो पूजन के दौरान पूरे समय मौजूद रहे। श्रीराम यंत्र स्थापना के समय उनके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मां अमृतानंदमयी, डॉ़ अनिल मिश्र, गोपाल राव भी मौजूद रहे।
राम मंदिर में स्थापित श्रीराम यंत्र की खासियत
- तीन फीट चौड़ा और चार फीटा लंबा श्रीराम यंत्र स्वर्ण मंडित है।
- सिंहासन के ऊपर जय श्रीराम लिखा है।
- श्रीराम यंत्र में 125 देवी-देवताओं के चित्र अंकित हैं।
- महाराष्ट्र के टीक वुड की लकड़ी के फ्रेम में यंत्र निर्मित है।
- लकड़ी यानी फ्रेम का निर्माण हैदराबाद में हुआ है।