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Ayodhya News: लटक सकती है बिजली निगम की वर्टिकल व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:20 PM IST
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अयोध्या। शहरी क्षेत्र में बृहस्पतिवार से लागू होने वाली बिजली निगम की वर्टिकल व्यवस्था फिलहाल लटक सकती है। इसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां पूर्ण होने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन अब तक क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अधिकारियों की तैनाती नहीं हो सकी है।
शहर के लगभग एक लाख बिजली उपभोक्ताओं को 15 जनवरी से वर्टिकल सिस्टम से जोड़ने का दावा किया गया था। इसके तहत 33 केवी और 11 केवी लाइन, नए कनेक्शन, मीटर, प्रशासनिक और विजिलेंस संबंधी आदि कार्यों को अलग-अलग एक्सईएन में विभाजित किया जाना है। पूरी व्यवस्था फेसलेस करने की योजना है। इसे लागू करने में चार एक्सईएन, चार सहायक अभियंता और पांच अवर अभियंता की और आवश्यकता बताई गई थी।
वहीं, अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय के स्थान तय हो गए हैं। राम की पैड़ी, अमानीगंज, कौशलपुरी समेत चार बिजली उपकेंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाकर कार्यकारी सहायक की नियुक्ति कर दी गई है। विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर तैयारियां पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से अब तक अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में बिना मानव संसाधन के व्यवस्था लागू करने में बाधा पहुंच रही है।
मामले को लेकर बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि हेल्पडेस्क पर काम शुरू हो गया है। मुख्य अभियंता से वार्ता करके अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। मुख्य अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता करके अवगत कराया जाएगा।
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शहर के लगभग एक लाख बिजली उपभोक्ताओं को 15 जनवरी से वर्टिकल सिस्टम से जोड़ने का दावा किया गया था। इसके तहत 33 केवी और 11 केवी लाइन, नए कनेक्शन, मीटर, प्रशासनिक और विजिलेंस संबंधी आदि कार्यों को अलग-अलग एक्सईएन में विभाजित किया जाना है। पूरी व्यवस्था फेसलेस करने की योजना है। इसे लागू करने में चार एक्सईएन, चार सहायक अभियंता और पांच अवर अभियंता की और आवश्यकता बताई गई थी।
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वहीं, अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय के स्थान तय हो गए हैं। राम की पैड़ी, अमानीगंज, कौशलपुरी समेत चार बिजली उपकेंद्रों पर हेल्प डेस्क बनाकर कार्यकारी सहायक की नियुक्ति कर दी गई है। विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर तैयारियां पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से अब तक अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई है। ऐसे में बिना मानव संसाधन के व्यवस्था लागू करने में बाधा पहुंच रही है।
मामले को लेकर बिजली निगम के उच्चाधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि हेल्पडेस्क पर काम शुरू हो गया है। मुख्य अभियंता से वार्ता करके अग्रिम निर्णय लिया जाएगा। मुख्य अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता करके अवगत कराया जाएगा।
