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Ayodhya News: 58 कार्बन टर्मिनल गांवों की महिलाओं को मिलेगा रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:19 PM IST
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अयोध्या। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले के 58 कार्बन टर्मिनल गांवों की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा चलाने में प्रशिक्षण देने की योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत गांवों में पात्र महिलाओं के चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद उन्हें ब्लॉक स्तर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है और महिलाओं के लिए नए रोजगार विकसित करना है। एक महिला दूसरी महिला के साथ सफर करते हुए सुरक्षित महसूस करती है। इसलिए भी यह काम महिलाओं के लिए और महत्वपूर्ण हो जाता है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक सरिता वर्मा ने बताया कि इन गांवों में महिलाओं के चयन की प्रक्रिया वर्तमान में तेजी से चल रही है। चयनित महिलाओं को कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें उनके ही ब्लॉक पर ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग और रिक्शा के रखरखाव की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आसान किस्तों पर लोन दिलाकर ई-रिक्शा दिलाया जाएगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सकेंगी। जिला प्रबंधक ने बताया कि जिले में अब तक 163 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कहा कि समय में अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें और वह स्वावलंबी बन सकें।
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इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना है और महिलाओं के लिए नए रोजगार विकसित करना है। एक महिला दूसरी महिला के साथ सफर करते हुए सुरक्षित महसूस करती है। इसलिए भी यह काम महिलाओं के लिए और महत्वपूर्ण हो जाता है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला प्रबंधक सरिता वर्मा ने बताया कि इन गांवों में महिलाओं के चयन की प्रक्रिया वर्तमान में तेजी से चल रही है। चयनित महिलाओं को कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि उन्हें उनके ही ब्लॉक पर ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग और रिक्शा के रखरखाव की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
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बताया कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आसान किस्तों पर लोन दिलाकर ई-रिक्शा दिलाया जाएगा। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सकेंगी। जिला प्रबंधक ने बताया कि जिले में अब तक 163 महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। कहा कि समय में अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल सकें और वह स्वावलंबी बन सकें।
