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Ayodhya News: सरयू में डुबकी लगाकर की पाप से मुक्ति की कामना
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 01 Feb 2026 08:34 PM IST
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02- राममंदिर दर्शन कर सुग्रीव पथ से बाहर निकलते श्रद्धालु- संवाद
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अयोध्या। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। पुण्य नक्षत्र और प्रीति योग के शुभ संयोग में भोर से ही श्रद्धालुओं का सैलाब सरयू तट पर उमड़ पड़ा। जय सरयू मइया...और जय श्रीराम के उद्घोष के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान कर जीवन के पाप-ताप से मुक्ति की कामना की।
पूर्णिमा की सुबह सूर्य भगवान कोहरे की ओट में छिपे थे लेकिन आस्था का सूर्य दमक रहा था। सूर्योदय से पहले ही सरयू घाटों पर स्नान का क्रम शुरू हो गया। सर्द हवाओं व ठंडी पर आस्था भारी नजर आ रही थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मां सरयू का पूजन किया और रामलला के दर्शन को प्रस्थान किया। सरयू स्नान के बाद अयोध्या के प्रमुख मठ–मंदिरों में दर्शन–पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दिन भर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर सरयू स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से स्नान, दान और जप–तप किया। सुबह के समय भीड़ कम रही, लेकिन 10 बजे के आस-पास जैसे ही सूर्यदेवता के दर्शन हुए श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढने लगी। दोपहर बाद प्रयागराज का पलट प्रवाह भी अयोध्या पहुंचने लगा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, मेडिकल टीमों की मौजूदगी और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई। रामनगरी में चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहा।
ड़ेढ लाख श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
रामलला के दरबार में पूर्णिमा पर भक्तों का तांता लगा रहा। रामलला को विशेष वस्त्र पहनाया गया। देर शात तक डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दोपहर बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई। इसको देखते हुए पांच के बजाय सात कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने एटीएस के जवानों के साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
श्रद्धालुओं की अलग-अलग मनौतियां
माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरयू स्नान के साथ ही अयोध्या में श्रद्धा के अनेक रंग देखने को मिले। पुण्य नक्षत्र और प्रीति योग के शुभ संयोग में पहुंचे श्रद्धालु अपने-अपने मन की कामनाएं लेकर घाटों और मंदिरों में नजर आए। किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की मनौती मांगी तो किसी ने संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य लाभ और रोजगार की कामना की। बस्ती के पवन कुमार ने कहा कि परिवार में सुख-शांति की प्रार्थना की। झारखंड के सत्येंद्र राय बोले कि श्रीराम की कृपा से सब मिला है, सुख समृद्धि बनी रहे यही कामना की है। महिलाएं परिवार की खुशहाली और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती रहीं, वहीं युवाओं ने सफलता और रोजगार की मनौती मांगी। बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की।
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पूर्णिमा की सुबह सूर्य भगवान कोहरे की ओट में छिपे थे लेकिन आस्था का सूर्य दमक रहा था। सूर्योदय से पहले ही सरयू घाटों पर स्नान का क्रम शुरू हो गया। सर्द हवाओं व ठंडी पर आस्था भारी नजर आ रही थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाई। स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने दीपदान कर मां सरयू का पूजन किया और रामलला के दर्शन को प्रस्थान किया। सरयू स्नान के बाद अयोध्या के प्रमुख मठ–मंदिरों में दर्शन–पूजन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दिन भर भक्तों की आवाजाही बनी रही।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माघ पूर्णिमा पर सरयू स्नान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान से स्नान, दान और जप–तप किया। सुबह के समय भीड़ कम रही, लेकिन 10 बजे के आस-पास जैसे ही सूर्यदेवता के दर्शन हुए श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढने लगी। दोपहर बाद प्रयागराज का पलट प्रवाह भी अयोध्या पहुंचने लगा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों पर गोताखोरों की तैनाती, मेडिकल टीमों की मौजूदगी और साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था की गई। रामनगरी में चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहा।
ड़ेढ लाख श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
रामलला के दरबार में पूर्णिमा पर भक्तों का तांता लगा रहा। रामलला को विशेष वस्त्र पहनाया गया। देर शात तक डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। दोपहर बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक बढ़ गई। इसको देखते हुए पांच के बजाय सात कतारों में श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने एटीएस के जवानों के साथ मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
श्रद्धालुओं की अलग-अलग मनौतियां
माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर सरयू स्नान के साथ ही अयोध्या में श्रद्धा के अनेक रंग देखने को मिले। पुण्य नक्षत्र और प्रीति योग के शुभ संयोग में पहुंचे श्रद्धालु अपने-अपने मन की कामनाएं लेकर घाटों और मंदिरों में नजर आए। किसी ने परिवार की सुख-समृद्धि की मनौती मांगी तो किसी ने संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य लाभ और रोजगार की कामना की। बस्ती के पवन कुमार ने कहा कि परिवार में सुख-शांति की प्रार्थना की। झारखंड के सत्येंद्र राय बोले कि श्रीराम की कृपा से सब मिला है, सुख समृद्धि बनी रहे यही कामना की है। महिलाएं परिवार की खुशहाली और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती रहीं, वहीं युवाओं ने सफलता और रोजगार की मनौती मांगी। बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना की।

02- राममंदिर दर्शन कर सुग्रीव पथ से बाहर निकलते श्रद्धालु- संवाद
