{"_id":"697f6a4a8316d1ca110675e6","slug":"trains-that-passed-through-on-wednesday-night-are-being-searched-in-the-hunt-for-the-escaped-prisoners-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-142279-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: बंदियों की तलाश में बुधवार रात गुजरीं ट्रेनों की हो रही छानबीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: बंदियों की तलाश में बुधवार रात गुजरीं ट्रेनों की हो रही छानबीन
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 01 Feb 2026 08:29 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। जिला जेल से भागे बंदियों की तलाश में बुधवार रात गुजरीं ट्रेनों की छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम हाउस के पास से बाउंड्री कूदकर आरोपियों के ट्रेन पकड़ने की प्रबल संभावना है। इस लिहाज से उस दिन आने-जाने वाली सभी ट्रेनों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
सुल्तानपुर के करौंदीकला, अमरे मऊ निवासी शेर अली और अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि जिला जेल की विशेष सुरक्षा बैरक में बंद थे। बृहस्पतिवार सुबह 06:30 बजे गणना के समय वह बैरक में नहीं मिले। छानबीन में पता चला कि दोनों आरोपी जेल की दीवार फांदकर पोस्टमार्टम हाउस के तरफ से भाग निकले। कारापाल जितेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन की जा रही है।
नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय के नेतृत्व में दो व एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम उनकी तलाश कर रही है। अब तक शहर के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दोनों आरोपी पोस्टमार्टम हाउस के सामने रेलवे की बाउंड्री फांदकर रेलवे स्टेशन के आउटर पर गए होंगे। वहां से कोई भी ट्रेन पकड़कर रवाना हो गए होंगे।
ऐसे में उनके जिले या प्रदेश से बाहर होने की संभावना है। इसलिए पुलिस टीम रेलवे स्टेशन से बुधवार की रात जाने वाली सभी ट्रेनों, उनके रूट आदि का विवरण जुटा रही हैं। रूट के सभी जिलों की पुलिस और जीआरपी, आरपीएफ से संपर्क साधा गया है। हालांकि, अब तक की जांच में कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिले हैं। इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाया गया है। अभी कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सके हैं। छानबीन की जा रही है।
घर और रिश्तेदारियों में नहीं मिले दोनों बंदी
सूत्रों के अनुसार जेल से भागे दोनों बंदियों के घर, सगे-संबंधी व रिश्तेदारों तक पुलिस पहुंच चुकी है। वह दोनों कहीं पर भी नहीं मिले हैं। गोलू अग्रहरि वैसे भी परिवार से दूर रहता था। बताया गया कि उसकी मां सौतेले भाई-बहनों के साथ रहती थीं, जिस कारण वह उनके नजदीक नहीं रहता था। उसके रिश्तेदार भी सीमित बताए गए हैं, जहां वह अरसों से नहीं गया है। वहीं, शेर अली का लंबा-चौड़ा परिवार है। उसके रिश्तेदारों की सूची लंबी है। पुलिस ने सभी के यहां छापा मारकर सत्यापन कर लिया है।
अन्य बैरकों में निरुद्ध थे एक-एक बंदी
सूत्रों के अनुसार कोठरी संख्या चार के अगल-बगल की अन्य बैरकों में एक-एक बंदी ही निरुद्ध थे। सिर्फ कोठरी संख्या में चार में ही दो लोगों को रखा गया था। माना जा रहा है कि यदि इन्हें भी अलग-अलग शिफ्ट किया गया होता तो यह अवसर शायद न मिलता।
अक्रियाशील मिले तीन कैमरे
सूत्रों के अनुसार कारागार में चारो तरफ 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें घटना के दिन तीन कैमरे अक्रियाशील बताए गए हैं। यह भी सुरक्षा और निगरानी में बड़ी चूक बताई गई है।
Trending Videos
सुल्तानपुर के करौंदीकला, अमरे मऊ निवासी शेर अली और अमेठी के मुसाफिरखाना निवासी गोलू अग्रहरि जिला जेल की विशेष सुरक्षा बैरक में बंद थे। बृहस्पतिवार सुबह 06:30 बजे गणना के समय वह बैरक में नहीं मिले। छानबीन में पता चला कि दोनों आरोपी जेल की दीवार फांदकर पोस्टमार्टम हाउस के तरफ से भाग निकले। कारापाल जितेंद्र कुमार यादव की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर कोतवाल अश्विनी पांडेय के नेतृत्व में दो व एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी के नेतृत्व में एक टीम उनकी तलाश कर रही है। अब तक शहर के 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि दोनों आरोपी पोस्टमार्टम हाउस के सामने रेलवे की बाउंड्री फांदकर रेलवे स्टेशन के आउटर पर गए होंगे। वहां से कोई भी ट्रेन पकड़कर रवाना हो गए होंगे।
ऐसे में उनके जिले या प्रदेश से बाहर होने की संभावना है। इसलिए पुलिस टीम रेलवे स्टेशन से बुधवार की रात जाने वाली सभी ट्रेनों, उनके रूट आदि का विवरण जुटा रही हैं। रूट के सभी जिलों की पुलिस और जीआरपी, आरपीएफ से संपर्क साधा गया है। हालांकि, अब तक की जांच में कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिले हैं। इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाया गया है। अभी कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल सके हैं। छानबीन की जा रही है।
घर और रिश्तेदारियों में नहीं मिले दोनों बंदी
सूत्रों के अनुसार जेल से भागे दोनों बंदियों के घर, सगे-संबंधी व रिश्तेदारों तक पुलिस पहुंच चुकी है। वह दोनों कहीं पर भी नहीं मिले हैं। गोलू अग्रहरि वैसे भी परिवार से दूर रहता था। बताया गया कि उसकी मां सौतेले भाई-बहनों के साथ रहती थीं, जिस कारण वह उनके नजदीक नहीं रहता था। उसके रिश्तेदार भी सीमित बताए गए हैं, जहां वह अरसों से नहीं गया है। वहीं, शेर अली का लंबा-चौड़ा परिवार है। उसके रिश्तेदारों की सूची लंबी है। पुलिस ने सभी के यहां छापा मारकर सत्यापन कर लिया है।
अन्य बैरकों में निरुद्ध थे एक-एक बंदी
सूत्रों के अनुसार कोठरी संख्या चार के अगल-बगल की अन्य बैरकों में एक-एक बंदी ही निरुद्ध थे। सिर्फ कोठरी संख्या में चार में ही दो लोगों को रखा गया था। माना जा रहा है कि यदि इन्हें भी अलग-अलग शिफ्ट किया गया होता तो यह अवसर शायद न मिलता।
अक्रियाशील मिले तीन कैमरे
सूत्रों के अनुसार कारागार में चारो तरफ 52 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें घटना के दिन तीन कैमरे अक्रियाशील बताए गए हैं। यह भी सुरक्षा और निगरानी में बड़ी चूक बताई गई है।
