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Ayodhya News: पूर्व सांसद निर्मल खत्री समेत तीन की बढ़ेगी मुश्किल
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:58 PM IST
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अयोध्या। पूर्व सांसद निर्मल खत्री सहित तीन लोगों को एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश सुरेंद्र मोहन सहाय के आदेश पर रजिस्टर्ड नोटिस भेजी गई। परिवादी ने रजिस्टर्ड डाक की डिलीवरी रिपोर्ट अदालत में सुनवाई के दौरान दाखिल की है। न्यायाधीश ने रिपोर्ट के आधार पर उन्हें अदालत की कार्यवाही की जानकारी होना मान लिया। न्यायाधीश ने तामीला पर्याप्त मानते हुए सुनवाई की अगली तारीख 30 मार्च नियत की है।
प्रकरण विद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे विवाद के कारण समीर पांडेय आत्महत्या से जुड़ा है। परिवादी अंजनी कुमार पांडेय के दाखिल क्रिमिनल रिवीजन में सुनवाई के बाद यह आदेश कोर्ट ने जारी किया है। क्रिमिनल रिवीजन में कहा गया है कि ड्योढी स्थित विद्यालय की भूमि को लेकर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के कोठापार्चा निवासी अंजनी कुमार पांडेय व विद्यालय के प्रबंधक पूर्व सांसद निर्मल खत्री के बीच जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सोहावल व सोसाइटी रजिस्ट्रार के समक्ष मुकदमा विचाराधीन है।
अंजनी के बेटे समीर ने निर्मल खत्री के विरुद्ध मुकदमा न लड़ने और धमकी देने की जानकारी परिवार वालों को दी थी और दो अक्तूबर, 2018 की रात में आत्महत्या कर ली। इसकी रिपोर्ट कोतवाली नगर में पूर्व सांसद, प्राचार्य आलोक तिवारी व सुखदेव तिवारी के विरुद्ध दर्ज हुई। विवेचना के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। वादी ने न्यायालय में प्रोटेस्ट किया। न्यायालय के आदेश पर दो बार मुकदमे की विवेचना की गई और अंतिम रूप से फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए रिपोर्ट सीजेएम के न्यायालय में पेश की गई।
न्यायालय में घटना के बाबत परिवाद के रूप में कार्यवाही संचालित की गई। सिविल जज सी.डी./एमपी-एमएलए अंशुमाली पांडेय की अदालत से तीन जून, 2025 को आत्महत्या के अपराध में मुकदमा के अभियुक्तों को तलब नहीं किया गया और परिवाद को आधार पर्याप्त न पाते हुए निरस्त कर दिया। सिविल जज/ एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के विरुद्ध निगरानी दाखिल की गई है।
न्यायाधीश ने निगरानी की सुनवाई करते हुए पूर्व सांसद निर्मल खत्री, आलोक तिवारी व सुखदेव तिवारी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दाखिल करने के लिए कई अवसर प्रदान किए, लेकिन उनकी ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ।
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प्रकरण विद्यालय की भूमि को लेकर चल रहे विवाद के कारण समीर पांडेय आत्महत्या से जुड़ा है। परिवादी अंजनी कुमार पांडेय के दाखिल क्रिमिनल रिवीजन में सुनवाई के बाद यह आदेश कोर्ट ने जारी किया है। क्रिमिनल रिवीजन में कहा गया है कि ड्योढी स्थित विद्यालय की भूमि को लेकर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के कोठापार्चा निवासी अंजनी कुमार पांडेय व विद्यालय के प्रबंधक पूर्व सांसद निर्मल खत्री के बीच जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी सोहावल व सोसाइटी रजिस्ट्रार के समक्ष मुकदमा विचाराधीन है।
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अंजनी के बेटे समीर ने निर्मल खत्री के विरुद्ध मुकदमा न लड़ने और धमकी देने की जानकारी परिवार वालों को दी थी और दो अक्तूबर, 2018 की रात में आत्महत्या कर ली। इसकी रिपोर्ट कोतवाली नगर में पूर्व सांसद, प्राचार्य आलोक तिवारी व सुखदेव तिवारी के विरुद्ध दर्ज हुई। विवेचना के बाद मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। वादी ने न्यायालय में प्रोटेस्ट किया। न्यायालय के आदेश पर दो बार मुकदमे की विवेचना की गई और अंतिम रूप से फाइनल रिपोर्ट लगाते हुए रिपोर्ट सीजेएम के न्यायालय में पेश की गई।
न्यायालय में घटना के बाबत परिवाद के रूप में कार्यवाही संचालित की गई। सिविल जज सी.डी./एमपी-एमएलए अंशुमाली पांडेय की अदालत से तीन जून, 2025 को आत्महत्या के अपराध में मुकदमा के अभियुक्तों को तलब नहीं किया गया और परिवाद को आधार पर्याप्त न पाते हुए निरस्त कर दिया। सिविल जज/ एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के विरुद्ध निगरानी दाखिल की गई है।
न्यायाधीश ने निगरानी की सुनवाई करते हुए पूर्व सांसद निर्मल खत्री, आलोक तिवारी व सुखदेव तिवारी को न्यायालय में उपस्थित होकर अपनी आपत्ति दाखिल करने के लिए कई अवसर प्रदान किए, लेकिन उनकी ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ।