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Azamgarh News: जिला समाज कल्याण अधिकारी और पटल सहायक के खिलाफ कोतवाली में दी तहरीर
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आजमगढ़। शासन स्तर से रोक के बाद भी 10 शिक्षकों के वेतन भुगतान मामले में उप निदेशक, समाज कल्याण विभाग ने जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली में तहरीर दी है। वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि उनके खिलाफ तहरीर दिए जाने की जानकारी है। फिलहाल, इस मामले में किसी तरह की टिप्पणी नहीं करनी है। इधर, पुलिस का कहना है कि अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके पटल सहायक ने शासकीय धन का दुरुपयोग किया तथा सहायक अध्यापकों की जो नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत की गई थीं, शासन से रोक के बाद भी उनको भुगतान कर दिया गया। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम रविंद्र कुमार ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। इसमें जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी शामिल थे। जांच में 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान अनियमित रूप से किए जाने की पुष्टि हुई है। डीएम ने जांच रिपोर्ट के साथ कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी थी।
अमर उजाला ने चार मई के अंक में पेज वन इनसाइड पर ''''शासन से रोक के बाद भी 10 शिक्षकों के रुके वेतन का कर दिया भुगतान'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के तीन दिन बाद डीडी समाज कल्याण ने पटल सहायक और जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी है।
मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई गई। आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी गई है। - आरके चौहान, डीडी समाज कल्याण।
अभी तक हमें डीडी समाज कल्याण की ओर से तहरीर नहीं दी गई है, जैसे ही तहरीर मिलती है, प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -यादवेंद्र पांडेय, कोतवाली प्रभारी।
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शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह ने 20 फरवरी को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि जिला समाज कल्याण अधिकारी और उनके पटल सहायक ने शासकीय धन का दुरुपयोग किया तथा सहायक अध्यापकों की जो नियुक्तियां शासनादेश के विपरीत की गई थीं, शासन से रोक के बाद भी उनको भुगतान कर दिया गया। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम रविंद्र कुमार ने सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। इसमें जिला विकास अधिकारी और मुख्य कोषाधिकारी शामिल थे। जांच में 10 अध्यापकों को लगभग 51.46 लाख रुपये का भुगतान अनियमित रूप से किए जाने की पुष्टि हुई है। डीएम ने जांच रिपोर्ट के साथ कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी थी।
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अमर उजाला ने चार मई के अंक में पेज वन इनसाइड पर ''''शासन से रोक के बाद भी 10 शिक्षकों के रुके वेतन का कर दिया भुगतान'''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के तीन दिन बाद डीडी समाज कल्याण ने पटल सहायक और जिला समाज कल्याण अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी है।
मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच कराई गई। आरोपों की पुष्टि होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश चौधरी और पटल सहायक सत्येंद्र बहादुर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए नगर कोतवाली में तहरीर दी गई है। - आरके चौहान, डीडी समाज कल्याण।
अभी तक हमें डीडी समाज कल्याण की ओर से तहरीर नहीं दी गई है, जैसे ही तहरीर मिलती है, प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -यादवेंद्र पांडेय, कोतवाली प्रभारी।