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Azamgarh News: बाढ़ का पानी उतरते ही दिखने लगी तबाही, 58 बीघा परवल की फसल हुई बर्बाद

Sun, 20 Sep 2026 01:41 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:41 AM IST
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Devastation became visible as floodwaters receded; 58 bighas of pointed gourd crops were destroyed.
सगड़ी के इस्माइलपुर गांव में बर्बाद हुई बाजरे की फसल। संवाद
सगड़ी तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद बाढ़ प्रभावित तटवर्ती गांवों में तबाही का मंजर सामने आने लगा है। बाढ़ के पानी से संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के साथ ही खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
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सहवदिया, सहनूपुर और परसिया गांव के कई किसानों की करीब 58 बीघा में लगी परवल की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं अन्य गांवों के किसानों की धान, बाजरा आदि फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अब पशुपालकों के समक्ष पशु चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
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अगस्त माह में पहली बाढ़ में भी अराजी मलहपुरवा, नौबरार जदीद किता फर्स्ट, कुड़ही, जीवधारी, कटघरा, मानिकपुर, अराजी अमानी, शिवपुर, देवारा इस्माइलपुर, अजगरा मगरवी, अराजी देवारा जदीद, सोनौरा, देवारा अचल सिंह, अराजी अजगरा मगरवी, ऊर्दिहा, भदौरा मकरंद, चक्की हाजीपुर, अराजी सेमरी, पहाड़पुर, अराजी नौबरार किता फर्स्ट और हैदराबाद गांव की फसल प्रभावित हुई थी।
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एक सप्ताह बाद किसी तरह पानी हटा तो एक बार फिर फसल पनपने लगी थी कि सितंबर में दूसरी बार आई सरयू की बाढ़ ने फसलों को लील लिया। धान और बाजरा से लेकर परवल की फसल पूरी तरह कई दिनों तक पानी में डूबी रही। इसका असर रहा कि पानी हटने के बाद अब फसलें बर्बाद होने लगी हैं।
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लेखपालों को सर्वे का निर्देश
उप जिलाधिकारी सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि फसलों के नुकसान के सर्वे के लिए संबंधित गांवों के लेखपालों को पत्र जारी कर दिया गया है। उन्हें अविलंब बाढ़ के पानी से हुई फसल क्षति का सर्वे कर तहसील मुख्यालय को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए पहले 34 नावें लगाई गई थीं। जलस्तर घटने के बाद शनिवार को तीन नावों का संचालन किया जा रहा है। वहीं, प्रभावित परिवारों को अब तक 7,400 राहत पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
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दो बीघा खेत में बाजारा बोया गया था। दूसरी बार आई बाढ़ में फसल पूरी तरह पानी में डूब गई थी। कई दिनों तक पानी लगा होने के बाद जैसे पानी उतरा है कि धूप लगते ही पूरी फसल गल गई। सर्वेश यादव, इस्माइलपुर।
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चार बीघा खेत में परवल की फसल बोई गई थी। बाढ़ के चलते उनकी फसल सहित पूरे गांव के एक दर्जन से अधिक किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद होने के चलते किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। विनोद पटेल, सहबदिया।

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जलस्तर में गिरावट, खतरे के निशान से नीचे पहुंचा
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में शनिवार को एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। बदरहुआ नाले पर शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 71.28 मीटर था, जो शनिवार को 14 सेंटीमीटर घटकर 71.14 मीटर हो गया। इसी तरह डिघिया नाले पर जलस्तर शुक्रवार को 70.43 मीटर था, जो 20 सेंटीमीटर घटकर शनिवार को 70.23 मीटर पर पहुंच गया। डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है। शनिवार को यहां जलस्तर खतरे के निशान से 17 सेंटीमीटर नीचे रहा। डिघिया नाले का न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है। वहीं, बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर है। यहां शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर नीचे दर्ज किया गया। बदरहुआ नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है।
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