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Azamgarh News: उमस से बढ़ी बिजली की मांग, 17 दिनों में 678 ट्रांसफॉर्मर जले

Wed, 19 Aug 2026 12:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:23 AM IST
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Electricity demand rises due to humidity; 678 transformers burnt out in 17 days.
सिधारी ​​स्थित वर्कशॉप में बनने के लिए रखे गए ट्रांसफार्मर। संवाद
उमस भरी गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मरों के जलने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। इस माह 17 अगस्त तक 678 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा फूलपुर डिवीजन में 176 और लालगंज में 160 ट्रांसफॉर्मर जले हैं।
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जिले के छह वितरण खंडों में विभिन्न भार के सात लाख उपभोक्ता हैं। इन्हें 41 हजार ट्रांसफॉर्मरों के माध्यम से बिजली की आपूर्ति की जाती है। मई और जून की अपेक्षा जुलाई और अगस्त में उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की डिमांड बढ़ी है।
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ट्रांसमिशन के एसडीओ गौतम कुमार ने बताया कि जून में डिमांड 576 मेगावाट तक गई थी, जबकि अगस्त में यह 598 मेगावाट तक पहुंच गई है।
बिजली की डिमांड बढ़ने से ट्रांसफॉर्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ रहा है। वर्कशॉप के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि 17 अगस्त तक 678 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड के कारण जले हैं, क्योंकि लोग बिजली की चोरी अधिक कर रहे हैं।
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इसके अलावा नट-बोल्ट ढीले होने से ट्रांसफॉर्मर में पानी जाने और बिजली गिरने से भी ट्रांसफॉर्मर डैमेज हो रहे हैं। इस समय रोजाना 32 से 35 ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायतें आ रही हैं।
बीते जून में 1271 और जुलाई में 1281 ट्रांसफॉर्मर जल चुके हैं। हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 15 प्रतिशत ट्रांसफॉर्मर कम डैमेज हुए हैं।
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शिकायत न दर्ज कराने से होती है देरी
वर्कशॉप के अधिशासी अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि जले ट्रांसफॉर्मरों को बदलने के लिए 23 गाड़ियां लगाई गई हैं। इनके माध्यम से प्रतिदिन 46 ट्रांसफॉर्मर बदले जा रहे हैं। 40 से 42 ट्रांसफॉर्मर प्रतिदिन रिपेयर भी हो रहे हैं। इसके अलावा विभिन्न क्षमता के 400 ट्रांसफॉर्मर रिजर्व में रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि जले ट्रांसफॉर्मर को समय से न बदले जाने का एक कारण समय से शिकायत दर्ज न कराना है। कहीं भी ट्रांसफॉर्मर जलने पर उपभोक्ता 1912 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि 24 घंटे के भीतर ट्रांसफॉर्मर बदला जा सके।
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64 ट्रांसफॉर्मरों की हुई क्षमता वृद्धि
नए बिजनेस प्लान में बीते जून में शासन की ओर से सर्किल प्रथम में 308 और सर्किल द्वितीय में 310 वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की मंजूरी मिली थी। अधीक्षण अभियंता प्रथम घनश्याम ने बताया कि चिह्नित ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि का काम शुरू हो चुका है। डेढ़ माह में प्रथम सर्किल में 28 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है।
अधीक्षण अभियंता द्वितीय गौरव तिवारी ने बताया कि 36 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। जैसे-जैसे ट्रांसफॉर्मर आ रहे हैं, उन्हें लगाया जा रहा है।

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डिवीजनवार जले ट्रांसफॉर्मर
शहर : 23
सगड़ी : 89
लालगंज : 160
फूलपुर : 176
सठियांव : 112
कप्तानगंज : 108
--- वर्जन
ओवरलोड के कारण अधिक ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं। इस समय रोज 32 से 35 ट्रांसफॉर्मर जलने की शिकायतें आ रही हैं। वर्कशॉप में तैयार ट्रांसफॉर्मरों की कमी नहीं है। प्रतिदिन 40 से अधिक ट्रांसफॉर्मर तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा 400 ट्रांसफॉर्मर पहले से तैयार रखे गए हैं। जहां ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं, वहां के लोग 1912 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय से ट्रांसफॉर्मर बदला जा सके। -आशीष कुमार, अधिशासी अभियंता, वर्कशॉप
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