सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   The issue of caste census was raised in Parliament

Azamgarh News: संसद में उठा जातीय जनगणना का मुद्दा

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:15 AM IST
विज्ञापन
The issue of caste census was raised in Parliament
सांसद धर्मेंद्र यादव। श्रोत-पार्टी
विज्ञापन
आजमगढ़। लोकसभा में मुख्य सचेतक एवं आजमगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने जातीय जनगणना से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने सरकार से गजट अधिसूचना में पिछड़े वर्ग का स्पष्ट उल्लेख करने की मांग की।
Trending Videos

सांसद ने महान समाजवादी चिंतक राम मनोहर लोहिया, अमर शहीद भगत सिंह एवं राजगुरु को नमन किया। उन्होंने डॉ. लोहिया के प्रसिद्ध नारे “संसोपा ने बांधी गांठ–पिछड़े पावें सौ में साठ” का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी विचारधारा के तहत लंबे समय से जातीय जनगणना की मांग उठती रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांसद ने कहा कि 30 अप्रैल 2025 को केंद्र सरकार द्वारा जातीय जनगणना कराने के निर्णय का देशभर में स्वागत हुआ था और इससे पिछड़े वर्ग को न्याय मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन जनवरी 2026 में जारी गजट अधिसूचना के अध्ययन से यह सामने आया कि उसमें पिछड़े वर्ग का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार के बयानों और आधिकारिक दस्तावेजों में विरोधाभास नजर आता है।
धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि वर्ष 2011 की जातीय जनगणना में भी पिछड़े वर्ग के साथ न्याय नहीं हो पाया था। इसके चलते आज भी यह वर्ग आशंकित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि उसकी मंशा स्पष्ट और सकारात्मक है, तो उसे तुरंत गजट में संशोधन कर पिछड़े वर्ग को स्पष्ट रूप से शामिल करना चाहिए।
अंत में सांसद ने सरकार से इस विषय पर स्पष्टता प्रदान करने, गजट अधिसूचना का संशोधन व शुद्धिकरण कर नया नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की, ताकि पिछड़े वर्ग के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed