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Baghpat News: सचिवों ने तबादला होने के बाद काम कराए बिना निकाले साढ़े नौ लाख रुपये
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बागपत। सचिवों को कार्य नहीं करने पर गांवों से हटाया गया तो उन्होंने तबादले के बाद भी खेल कर दिया। साढ़े नौ लाख रुपये काम कराए बिना ही निकाल लिए गए। इसकी शिकायत हुई तो जिन कार्यों के नाम पर रुपये निकाले गए, उनमें से कुछ करा दिए गए और बाकी रुपये हजम कर लिए।
निवाड़ा से सचिव सूरज को फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नहीं करने, आईजीआरएस की शिकायतों में लापरवाही समेत अन्य आरोप में डीएम अस्मिता लाल ने 17 मार्च को हटाने के आदेश दिए। इसका अनुमोदन भी उसी दिन कर दिया गया और उसके आधार पर सचिव को हटाकर डीपीआरओ कार्यालय संबद्ध करने के आदेश 18 मार्च को जारी किए गए।
सचिव सूरज ने हटाने का आदेश जारी होने पर काम कराए बिना ही नौ लाख रुपये से ज्यादा का ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। इस बारे में शिकायत मिलने पर जब बागपत ब्लॉक के बीडीओ भंवर सिंह ने जांच के आदेश दिए तो इंटरलॉकिंग का कार्य दो दिन पहले ही कराया गया। खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने समेत अन्य कार्यों के लिए भी लाखों रुपये निकाले गए।
-चार साल पहले लगी लाइटें, वह भी खराब पड़ीं
निवाड़ा में इस वित्तीय वर्ष में स्ट्रीट लाइटें लगवाने की बात कहते हुए ढाई लाख रुपये निकाले गए, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। गांव के शेखर व असलम ने बताया कि चार साल पहले लाइटें लगवाई गई थीं, वह भी खराब पड़ी हैं। इनको भी ठीक नहीं कराया जा रहा है तो नई लाइटें कहां लग गईं।
-इंजीनियर के खाते में बिना कारण डाल दिए 56 हजार रुपये
बावली गांव के सचिव प्रिंस जैन को भी कार्य में लापरवाही करने के कारण डीएम ने हटाने के लिए 17 मार्च को अनुमोदन किया। प्रिंस जैन को भी डीपीआरओ कार्यालय से संबद्ध करते हुए 18 मार्च को आदेश जारी किया गया। इन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए 19 मार्च को गांवों के विकास कार्यों में लागत का आंकलन करने वाले कंसल्टिंग इंजीनियर के खाते में 56 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद अगले दिन जाकर 50 हजार रुपये अपने जानकार के खाते में ट्रांसफर करा लिए।
निवाड़ा में 18 मार्च को इस तरह भुगतान दिखाया गया
-अंजुम राणा से इस्लाम के घर तक इंटरलॉकिंग लगाने का भुगतान 76,730 रुपये
-कंसल्टिंग इंजीनियर को एस्टीमेट व एमबी का भुगतान 29,778 रुपये
-प्राइमरी स्कूल में गेट निर्माण और रसोई में टाइल्स कार्य का भुगतान 1,05,498 रुपये
-गांव में सभी खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने का भुगतान 2,48,390 रुपये
-आस मोहम्मद के मकान से मदरसे तक इंटरलॉकिंग के कार्य का भुगतान 4,64,000 रुपये
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तबादले के बाद कोई भी किसी कार्य के लिए रुपये नहीं निकाल सकता है। इस तरह से तबादले के बाद भुगतान दिखाया गया है तो वह पूरी तरह से गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी और यह मामला सही मिला तो कार्रवाई की जाएगी। -राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी
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निवाड़ा से सचिव सूरज को फार्मर रजिस्ट्री का कार्य नहीं करने, आईजीआरएस की शिकायतों में लापरवाही समेत अन्य आरोप में डीएम अस्मिता लाल ने 17 मार्च को हटाने के आदेश दिए। इसका अनुमोदन भी उसी दिन कर दिया गया और उसके आधार पर सचिव को हटाकर डीपीआरओ कार्यालय संबद्ध करने के आदेश 18 मार्च को जारी किए गए।
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सचिव सूरज ने हटाने का आदेश जारी होने पर काम कराए बिना ही नौ लाख रुपये से ज्यादा का ठेकेदारों को भुगतान कर दिया। इस बारे में शिकायत मिलने पर जब बागपत ब्लॉक के बीडीओ भंवर सिंह ने जांच के आदेश दिए तो इंटरलॉकिंग का कार्य दो दिन पहले ही कराया गया। खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने समेत अन्य कार्यों के लिए भी लाखों रुपये निकाले गए।
-चार साल पहले लगी लाइटें, वह भी खराब पड़ीं
निवाड़ा में इस वित्तीय वर्ष में स्ट्रीट लाइटें लगवाने की बात कहते हुए ढाई लाख रुपये निकाले गए, लेकिन कोई कार्य नहीं हुआ। गांव के शेखर व असलम ने बताया कि चार साल पहले लाइटें लगवाई गई थीं, वह भी खराब पड़ी हैं। इनको भी ठीक नहीं कराया जा रहा है तो नई लाइटें कहां लग गईं।
-इंजीनियर के खाते में बिना कारण डाल दिए 56 हजार रुपये
बावली गांव के सचिव प्रिंस जैन को भी कार्य में लापरवाही करने के कारण डीएम ने हटाने के लिए 17 मार्च को अनुमोदन किया। प्रिंस जैन को भी डीपीआरओ कार्यालय से संबद्ध करते हुए 18 मार्च को आदेश जारी किया गया। इन्होंने एक कदम आगे बढ़ते हुए 19 मार्च को गांवों के विकास कार्यों में लागत का आंकलन करने वाले कंसल्टिंग इंजीनियर के खाते में 56 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद अगले दिन जाकर 50 हजार रुपये अपने जानकार के खाते में ट्रांसफर करा लिए।
निवाड़ा में 18 मार्च को इस तरह भुगतान दिखाया गया
-अंजुम राणा से इस्लाम के घर तक इंटरलॉकिंग लगाने का भुगतान 76,730 रुपये
-कंसल्टिंग इंजीनियर को एस्टीमेट व एमबी का भुगतान 29,778 रुपये
-प्राइमरी स्कूल में गेट निर्माण और रसोई में टाइल्स कार्य का भुगतान 1,05,498 रुपये
-गांव में सभी खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगवाने का भुगतान 2,48,390 रुपये
-आस मोहम्मद के मकान से मदरसे तक इंटरलॉकिंग के कार्य का भुगतान 4,64,000 रुपये
तबादले के बाद कोई भी किसी कार्य के लिए रुपये नहीं निकाल सकता है। इस तरह से तबादले के बाद भुगतान दिखाया गया है तो वह पूरी तरह से गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी और यह मामला सही मिला तो कार्रवाई की जाएगी। -राहुल वर्मा, जिला विकास अधिकारी