UP: कांवड़ लाने की जिद में बच्चे ने छोड़ा था खाना, परिजनों ने भेजा, लौटते वक्त ट्रॉली के पहिये से कुचलकर मौत
बागपत के बड़ौली गांव का नौ वर्षीय देवांश पिछले 15 दिनों से पिता से कांवड़ लाने की जिद कर रहा था। परिवार के मना करने पर उसने खाना तक छोड़ दिया। आखिरकार पिता उसे हरिद्वार ले गए, लेकिन लौटते समय मुजफ्फरनगर के छपार के पास ट्रॉली से गिरने के बाद पहिये की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बड़ौली गांव के रहने वाले नौ वर्षीय देवांश उर्फ माटू की कांवड़ यात्रा से लौटते समय दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरने के बाद वह पहिये की चपेट में आ गया। हादसा मुजफ्फरनगर जिले के छपार क्षेत्र में हुआ। परिवार के मुताबिक देवांश पिछले 15 दिनों से कांवड़ लाने की जिद कर रहा था और मना करने पर उसने खाना भी छोड़ दिया था।
15 दिन की जिद के बाद पिता साथ लेकर गए थे हरिद्वार
देवांश के पिता सुनील ने बताया कि उनका बेटा भगवान शिव का परम भक्त था और लगातार कांवड़ यात्रा पर जाने की जिद कर रहा था। परिवार ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। जब उसने खाना छोड़ दिया तो उसकी आस्था और जिद को देखते हुए 29 जुलाई को सुनील उसे मोहल्ले के करीब 25 कांवड़ियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से हरिद्वार ले गए। वहां से कांवड़ लेकर एक अगस्त को वापसी शुरू हुई।
यह भी पढ़ें: Baghpat: नाली और झाड़ियों में मिली नवजात बेटियों का डीएम ने किया नामकरण, 'नव्या' और 'समायरा' मिली नई पहचान
पेट दर्द के बाद ट्रॉली में बैठाया, उतरते समय हुआ हादसा
सुनील के अनुसार तीन अगस्त को मुजफ्फरनगर के छपार के पास यात्रा के दौरान देवांश के पेट में दर्द होने लगा। इस पर उसे ट्रॉली में बैठा दिया गया। कुछ देर बाद वह नीचे उतरने लगा तो उसका पैर ट्रॉली में लगे एक तार में उलझ गया। संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर ट्रॉली के पहिये के आगे गिर गया। साथ चल रहे कांवड़ियों ने ट्रॉली रुकवाने की कोशिश की, लेकिन तब तक पहिया उसके ऊपर से गुजर चुका था।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के बाद देवांश को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव को गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
17 अगस्त को था जन्मदिन, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
देवांश का 17 अगस्त को जन्मदिन था। वह दो भाइयों में बड़ा था, जबकि उसका छोटा भाई यश आठ साल का है। बेटे की असमय मौत से मां अंजू समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सीओ अंशु जैन ने बताया कि हादसा मुजफ्फरनगर जिले में हुआ है। यदि परिजन कोई कानूनी कार्रवाई चाहते हैं तो संबंधित थाना क्षेत्र में शिकायत कर सकते हैं।