{"_id":"6a3eac0893e540de48036acb","slug":"baghpat-a-lawyer-s-wife-writhed-in-pain-at-the-district-women-s-hospital-no-doctor-arrived-2026-06-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Baghpat: जिला महिला अस्पताल में तड़पती रहीं अधिवक्ता की पत्नी, नहीं आया डॉक्टर, मजबूरी में ले गए निजी हॉस्पिटल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baghpat: जिला महिला अस्पताल में तड़पती रहीं अधिवक्ता की पत्नी, नहीं आया डॉक्टर, मजबूरी में ले गए निजी हॉस्पिटल
Fri, 26 Jun 2026 10:13 PM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 26 Jun 2026 10:13 PM IST
सार
खेकड़ा के अधिवक्ता राजू की पत्नी करिश्मा को प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल लाया गया था। यहां उन्हें इलाज नहीं मिला। इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की गई है। वहीं एक दिन पहले ही यहां बरामदे में महिला का प्रसव हो गया था।
विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल डॉक्टर के इलाज करते अन्य मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात खेकड़ा के अधिवक्ता राजू की पत्नी करिश्मा प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। आरोप है कि चिकित्सक उपचार करने के लिए नहीं आई और स्टाफ नर्स ही खानापूर्ति करती रही। उनको मजबूरी में पत्नी को निजी अस्पताल लेकर जाना पड़ा। अधिवक्ता ने डीएम व सीएमओ से फोन पर शिकायत की है।
विज्ञापन
खेकड़ा के रहने वाले अधिवक्ता राजू ने बताया कि पत्नी करिश्मा को बृहस्पतिवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में उन्हें आधा घंटे तक भर्ती के लिए इंतजार कराया गया। सीएमओ से फोन पर शिकायत के बाद ही भर्ती किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में उपचार स्टाफ नर्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि महिला चिकित्सक को मरीज का उपचार करना चाहिए था।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी लगातार प्रसव पीड़ा से परेशान रही और शिकायत करने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने फोन पर डीएम से शिकायत की। वह सही उपचार नहीं मिलने पर अपनी पत्नी को वहां से निजी अस्पताल में लेकर चले गए।
रिश्वत के आरोप लगते ही प्रसूताओं को 48 घंटे में घर भेजने लगे
जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को दीपक की पत्नी निकेता को भर्ती नहीं करने और पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगे थे। भर्ती नहीं करने के कारण बरामदे में प्रसव होने पर हंगामा भी खूब हुआ था। इसके अलावा भी कई प्रसूताओं के परिजनों ने पांच-पांच हजार रुपये लेने का स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगाया था। इसके बाद अस्पताल से प्रसूताओं को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म होने पर भी 48 घंटों में घर भेजा जा रहा है। जबकि इससे पहले 72 घंटों तक भर्ती रखा जाता था। अस्पताल में 24 जून को भर्ती होने वाली पूनम, गुलशन निवासी बागपत व अफसाना निवासी लोनी का ऑपरेशन हुआ। इनको 26 जून की सुबह छुट्टी देकर भेज दिया गया।
जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को दीपक की पत्नी निकेता को भर्ती नहीं करने और पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगे थे। भर्ती नहीं करने के कारण बरामदे में प्रसव होने पर हंगामा भी खूब हुआ था। इसके अलावा भी कई प्रसूताओं के परिजनों ने पांच-पांच हजार रुपये लेने का स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगाया था। इसके बाद अस्पताल से प्रसूताओं को ऑपरेशन से बच्चे का जन्म होने पर भी 48 घंटों में घर भेजा जा रहा है। जबकि इससे पहले 72 घंटों तक भर्ती रखा जाता था। अस्पताल में 24 जून को भर्ती होने वाली पूनम, गुलशन निवासी बागपत व अफसाना निवासी लोनी का ऑपरेशन हुआ। इनको 26 जून की सुबह छुट्टी देकर भेज दिया गया।
ये बोले सीएमएस
महिला अस्पताल में अधिवक्ता की पत्नी को समय पर भर्ती कर उपचार दिया गया। अस्पताल में किसी भी कर्मचारी द्वारा महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। शिकायत की गई है तो उसकी जांच करा ली जाएगी।
- डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में अधिवक्ता की पत्नी को समय पर भर्ती कर उपचार दिया गया। अस्पताल में किसी भी कर्मचारी द्वारा महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। शिकायत की गई है तो उसकी जांच करा ली जाएगी।
- डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
ठीक कराई लिफ्ट, मरीज कर सकेंगे इस्तेमाल
जिला महिला अस्पताल की लिफ्ट पिछले कई दिनों से खराब होने के कारण मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को दिल्ली से पहुंचे मैकेनिक ने लिफ्ट की जांच की। जांच में पता चला कि तार टूटने से गेट जाम हो गया था। तार बदलने के बाद लिफ्ट को ठीक कर दिया गया और उसे दोबारा शुरू कर दिया गया। लिफ्ट चालू होने से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली।
जिला महिला अस्पताल की लिफ्ट पिछले कई दिनों से खराब होने के कारण मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को दिल्ली से पहुंचे मैकेनिक ने लिफ्ट की जांच की। जांच में पता चला कि तार टूटने से गेट जाम हो गया था। तार बदलने के बाद लिफ्ट को ठीक कर दिया गया और उसे दोबारा शुरू कर दिया गया। लिफ्ट चालू होने से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली।