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Baghpat: मोबाइल खराब होने पर हो गया विवाद, पिता और तीन बेटों ने कर दी हत्या, कोर्ट ने सुनाई ये सजा
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Tue, 24 Mar 2026 10:16 PM IST
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सार
बड़ौत में मोबाइल खरीदने के विवाद में चाकू घोंपकर अप्रैल 2024 में उमर की हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूनम राजपूत ने बड़ौत की सुनहरी मस्जिद के पास रहने वाले उमर की हत्या में शफीक उर्फ हड्डी और उसके तीन बेटों समीर, तौफीक, कदीम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 48-48 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। जिसे अदा नहीं करने पर एक-एक साल की सजा बढ़ाई जाएगी।
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बड़ौत कोतवाली में 12 अप्रैल 2024 को सुनहरी मस्जिद के पास रहने वाले वाजिद ने अपने भाई उमर की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वाजिद ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके भाई उमर ने समीर निवासी सर्कुलर रोड से मोबाइल खरीदा था, जो खराब हो गया। एक अप्रैल को उमर ने समीर को दुकान वापस लौटाने के लिए कहा तो उनमे कहासुनी हो गई। इसका पता चलने पर उसके पिता अशफाक उलाहना देने के लिए समीर के घर चले गए थे।
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इसके बाद 12 अप्रैल की शाम अपने भाई उमर के साथ सहारा नर्सिंग होम के पास सड़क के किनारे खड़ा था। तभी वहां पर आए समीर, उसके भाई तौफिक, कदीम और पिता शफीक उर्फ हड्डी ने हमला कर दिया। उन्होंने पेट में चाकू घोंपने के बाद कई वार कर उमर को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
शोर सुनकर उसका मामा तनसीर समेत अन्य लोग वहां आए तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। सीएचसी पहुंचने से पहले ही उमर की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई।
मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश पूनम राजपूत ने समीर, तौफिक, कदीम और पिता शफीक उर्फ हड्डी पर दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 48-48 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक आश्रित को देने के आदेश दिए।
गैंगस्टर को ढाई साल की सजा
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने गैंगस्टर सावन निवासी शबगा को ढाई साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक माह की सजा बढ़ाई जाएगी। इस मामले में मार्च 2023 में छपरौली के तत्कालीन थाना प्रभारी रवि रतन ने सावन और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जो चोरी की वारदातों में शामिल रहे थे।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलू मैनवाल ने गैंगस्टर सावन निवासी शबगा को ढाई साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर एक माह की सजा बढ़ाई जाएगी। इस मामले में मार्च 2023 में छपरौली के तत्कालीन थाना प्रभारी रवि रतन ने सावन और उसके साथियों के खिलाफ गैंगस्टर की प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जो चोरी की वारदातों में शामिल रहे थे।