Baghpat: नाली और झाड़ियों में मिली नवजात बेटियों का डीएम ने किया नामकरण, 'नव्या' और 'समायरा' मिली नई पहचान
बागपत के मवीकलां गांव में अलग-अलग स्थानों पर लावारिस मिली दो नवजात बच्चियों को नई पहचान मिल गई है। जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने महिला अस्पताल की एसएनसीयू पहुंचकर उनका नामकरण 'नव्या' और 'समायरा' किया।
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बागपत जनपद के महिला अस्पताल की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती दो नवजात बच्चियों को बुधवार को नई पहचान मिल गई। जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने अस्पताल पहुंचकर दोनों बच्चियों का नामकरण किया। एक बच्ची का नाम 'नव्या' और दूसरी का 'समायरा' रखा गया। इसके साथ ही दोनों की देखभाल की जिम्मेदारी प्रोबेशन विभाग को सौंप दी गई है।
मवीकलां गांव में मिली थीं दोनों नवजात बच्चियां
कुछ दिन पहले मवीकलां गांव में एक नवजात बच्ची नाली में और दूसरी खेकड़ा की झाड़ियों में लावारिस हालत में मिली थी। सूचना मिलने पर दोनों को उपचार के लिए महिला अस्पताल की एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का इलाज चल रहा है। इनमें से एक बच्ची की हालत पहले अधिक गंभीर बताई गई थी।
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डीएम ने अस्पताल पहुंचकर जाना स्वास्थ्य का हाल
बुधवार को जिला अधिकारी अस्मिता लाल ने एसएनसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से दोनों बच्चियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने दोनों नवजात बच्चियों को नई पहचान देने का निर्णय लिया।
'नव्या' और 'समायरा' नाम से मिलेगी पहचान
डीएम ने एक बच्ची का नाम नव्या और दूसरी का समायरा रखा। अब दोनों बच्चियों की आधिकारिक पहचान इन्हीं नामों से होगी। नामकरण के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभागों ने आवश्यक अभिलेखों में भी उनके नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रोबेशन विभाग करेगा देखभाल
डीएम ने दोनों बच्चियों की जिम्मेदारी प्रोबेशन विभाग को सौंप दी है। विभाग उनकी देखभाल करेगा और नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगा। जब तक दोनों बच्चियों को किसी पात्र और जरूरतमंद परिवार को गोद नहीं दिया जाता, तब तक उनकी देखरेख प्रोबेशन विभाग की निगरानी में की जाएगी।