{"_id":"69dfc897ce0ec6af1004b08d","slug":"cbse-10th-results-siddharth-chaudhary-became-baghpat-topper-with-97-8-percent-marks-know-who-stood-second-2026-04-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"CBSE 10th Results: सिद्धार्थ चौधरी 97.8 प्रतिशत अंकों के साथ बने बागपत टॉपर, जानें कौन रहे सेकेंड और थर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CBSE 10th Results: सिद्धार्थ चौधरी 97.8 प्रतिशत अंकों के साथ बने बागपत टॉपर, जानें कौन रहे सेकेंड और थर्ड
अमर उजाला नेटवर्क, बागपत
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 15 Apr 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
सार
Baghpat News: इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल के छात्र काठा गांव निवासी सिद्धार्थ चौधरी ने जिला टॉप कर अपने माता-पिता व गुरुजनों का नाम रोशन कर दिया है। इसके अलावा जिले के लगभग सभी स्कूलों का रिजल्ट बढ़िया रहा।
बागपत टॉपर सिद्धार्थ चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
सीबीएसई का 10वीं का परीक्षा परिणाम बुधवार को घोषित कर दिया गया। काठा गांव के इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल के सिद्धार्थ चौधरी ने 97.8 प्रतिशत अंक के साथ जिला टॉप किया। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद अच्छे अंक मिलने पर विद्यार्थियों ने खुशी मनाई।
Trending Videos
10वीं के छात्रों की परीक्षा 17 फरवरी से 11 मार्च तक हुई थी और इसके लिए जिले में 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। 10वीं में 5770 विद्यार्थियों का पंजीकरण था। बुधवार की दोपहर को बोर्ड ने दसवीं का परिणाम घोषित कर दिया। सभी स्कूलों का परीक्षा परिणाम काफी बेहतर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
काठा गांव के इंद्रप्रस्थ पब्लिक स्कूल के छात्र सिद्धार्थ चौधरी ने 97.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया। जिला टॉप करने पर परिजनों व शिक्षकों ने खुशी मनाई। वहीं जेपी पब्लिक स्कूल के ओम गोयल ने 97.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया। शिक्षकों ने मिठाई खिलाकर बधाई दी। वहीं 95.8 फीसदी अंकों के साथ गेटवे इंटरनेशनल स्कूल के छात्र अर्जुन और सेंट ऐंजल्स पब्लिक स्कूल की अक्षिता गोयल ने 95.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल का नाम रोशन किया।
टॉपरों ने परीक्षा परिणाम घोषित होने पर स्कूल पहुंचकर खुशी मनाई और ढोल की थाप पर डांस भी किया। इसके अलावा एक-दूसरे को मिठाई खिलाई तो परिजनों के साथ भी खुशी मनाई। टॉपरों ने इंजीनियर बनने और सिविल सेवा में जाने की बात कही और इसके लिए वह अभी से लक्ष्य तय करके तैयारी में जुटे हुए हैं।
इंजीनियर बनना चाहते हैं सिद्धार्थ
सिद्धार्थ का सपना इंजीनियर बनना है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान आठ से नौ घंटे पढ़ाई की है। सोशल मीडिया का प्रयोग सिर्फ पढ़ाई के लिए किया है। अब बीटेक में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने की तैयारी करेंगे। वह कहते हैं कि चाहे पढ़ाई कुछ घंटे करो, लेकिन उस समय किसी अन्य चीजों के बारे में नहीं सोचना चाहिए। ध्यान भटकता है तो पढ़ाई सही से नहीं होती है।
सिद्धार्थ का सपना इंजीनियर बनना है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान आठ से नौ घंटे पढ़ाई की है। सोशल मीडिया का प्रयोग सिर्फ पढ़ाई के लिए किया है। अब बीटेक में दाखिला लेकर इंजीनियर बनने की तैयारी करेंगे। वह कहते हैं कि चाहे पढ़ाई कुछ घंटे करो, लेकिन उस समय किसी अन्य चीजों के बारे में नहीं सोचना चाहिए। ध्यान भटकता है तो पढ़ाई सही से नहीं होती है।
मोबाइल से दूरी और आठ घंटे पढ़ाई से ओम बने टॉपर
बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल के ओम गोयल ने बताया कि उन्होंने मोबाइल से दूरी बनाकर नियमित टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई की। रोज करीब 8 घंटे पढ़ाई करते थे और सभी विषयों को समान महत्व दिया। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह सफलता मिली। उनका लक्ष्य आगे भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करना है।
बड़ौत के जेपी पब्लिक स्कूल के ओम गोयल ने बताया कि उन्होंने मोबाइल से दूरी बनाकर नियमित टाइम टेबल के अनुसार पढ़ाई की। रोज करीब 8 घंटे पढ़ाई करते थे और सभी विषयों को समान महत्व दिया। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह सफलता मिली। उनका लक्ष्य आगे भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन करना है।
अनुशासन और नियमित पढ़ाई से नैतिक को मिली सफलता
बड़ौत के ग्रोवेल स्कूल के नैतिक जैन ने बताया कि उन्होंने अनुशासन के साथ पढ़ाई की और मोबाइल का उपयोग सीमित रखा। रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई की और हर विषय को बराबर समय दिया। कठिन विषयों पर ज्यादा फोकस किया, जिससे अच्छे अंक प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है।
बड़ौत के ग्रोवेल स्कूल के नैतिक जैन ने बताया कि उन्होंने अनुशासन के साथ पढ़ाई की और मोबाइल का उपयोग सीमित रखा। रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई की और हर विषय को बराबर समय दिया। कठिन विषयों पर ज्यादा फोकस किया, जिससे अच्छे अंक प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है।
रोज छह घंटे पढ़ाई और रिवीजन से जानवी ने पाया मुकाम
जानवी ने बताया कि उन्होंने सही योजना और नियमित पढ़ाई के साथ तैयारी की। मोबाइल का इस्तेमाल कम रखा और रोज करीब 6 घंटे पढ़ाई की। हर विषय को महत्वपूर्ण मानते हुए रिवीजन पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और परिवार को दिया।
जानवी ने बताया कि उन्होंने सही योजना और नियमित पढ़ाई के साथ तैयारी की। मोबाइल का इस्तेमाल कम रखा और रोज करीब 6 घंटे पढ़ाई की। हर विषय को महत्वपूर्ण मानते हुए रिवीजन पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और परिवार को दिया।
