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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   Children were being referred from the women's hospital to private facilities; a doctor's services have been terminated.

Baghpat News: महिला अस्पताल से निजी में बच्चों को कर रहे थे रेफर, एक चिकित्सक की सेवा समाप्त

Sun, 28 Jun 2026 01:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 01:31 AM IST
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Children were being referred from the women's hospital to private facilities; a doctor's services have been terminated.
बागपत। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं से केवल रुपये ही नहीं मांगे जाते हैं, बल्कि वहां से बच्चों को निजी अस्पतालों में रेफर करने का खेल भी चल रहा है। डीएम अस्मिता लाल ने इसकी जांच कराई तो पता चला कि संविदा चिकित्सक डॉ. असद वहां से बड़ौत के उत्तम अस्पताल में बच्चों को भेज रहे हैं। चिकित्सक की सेवा समाप्त कर दी गई है।
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बागपत के मोहम्मद आकिब जावेद ने डीएम के पास शिकायत करते हुए बताया कि 11 मई को उसकी पत्नी मुस्कान ने बागपत सीएचसी में एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे को जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू के लिए रेफर कर दिया गया। वह बच्चे को वहां लेकर गए तो वहां डॉ. असद अली मिले। उन्होंने बच्चे को देखे बिना ही मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
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मोहम्मद आकिब के अनुसार चिकित्सक से कहा गया कि वह उसके बच्चे को यहां एक बार देख लेंगे तो बेहतर रहेगा। आरोप है कि तभी वहां मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि बच्चे को बड़ौत के उत्तम अस्पताल में लेकर चले जाओ, वहां आकर डॉ. असद बच्चे का उपचार कर देंगे। डॉ. असद वहां भी मरीजों को देखते हैं। आरोप है कि डॉ. असद ने भी दोबारा मिलने पर उनको उत्तम अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराने के लिए कह दिया।
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डीएम अस्मिता लाल ने इस मामले में डिप्टी सीएमओ डॉ. विभाष राजपूत, सीडीओ अनिल कुमार सिंह व एसडीएम बड़ौत भावना सिंह की कमेटी जांच के लिए बनाई। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट 30 मई को डीएम को सौंपी। उसमें कहा गया कि डॉ. असद जिला महिला अस्पताल में पांच साल से तैनात हैं। वह यहां से बच्चों को बड़ौत के उत्तम अस्पताल में भेजते हैं। वह खुद वहां प्रैक्टिस करते हैं, इसलिए बच्चों को वहां भेजा जाता है। यह भी रिपोर्ट में कहा गया कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन व अन्य सभी सुविधाएं होने के बाद भी बच्चों को यहां से भेजा जा रहा है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने बृहस्पतिवार को डॉ. असद की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया।
-अधिकारियों व अन्य चिकित्सकों पर भी कार्रवाई की संस्तुति
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि इस पूरे मामले में केवल एक संविदा चिकित्सक तक ही कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इसमें अस्पताल के अधिकारियों व अन्य चिकित्सकों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके पास वहां की देखरेख की जिम्मेदारी है। यह उनकी भी लापरवाही है कि अस्पताल से बच्चों को निजी अस्पताल में भेजा जा रहा है और वह कुछ नहीं कर रहे हैं।
वर्जन
जिला महिला अस्पताल में एसएनसीयू की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. असद की सेवा समाप्त कर की गई है। वह अस्पताल में सभी सुविधाएं होने के बाद भी बड़ौत के उत्तम अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने के लिए यहां से भेज रहे थे। -डॉ. तीरथलाल, सीएमओ

मुझे सेवा समाप्त से संबंधित कोई पत्र अभी नहीं मिला है। मैं संविदा पर कार्यरत होने के कारण अन्य जगह भी प्रैक्टिस कर सकता हूं। मैंने कभी बच्चों को निजी अस्पताल में रेफर नहीं किया। -डॉ. असद
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