बागपत: फ्लिपकार्ट के 77 लाख के सामान का गबन, खुद ऑर्डर कर महंगे मोबाइल निकाल पैकेट में सस्ता सामान रख भेज देते
बागपत के बड़ौत में फ्लिपकार्ट के डिलीवरी गोदाम से 77 लाख रुपये के मोबाइल और अन्य सामान के गबन का मामला सामने आया है। आरोपी खुद महंगे सामान के ऑर्डर कर पैकेट बदलकर वापस भेजते थे।
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बागपत के बड़ौत में फ्लिपकार्ट के डिलीवरी गोदाम से 77 लाख रुपये से अधिक के मोबाइल फोन और अन्य महंगे सामान के गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि गोदाम के मैनेजर और उसके साथी खुद महंगे सामान के ऑनलाइन ऑर्डर करते थे। सामान आने के बाद पैकेट खोलकर महंगा सामान निकाल लेते और उसकी जगह सस्ता सामान रखकर पैकेट कंपनी को वापस भेज देते थे। ऑडिट में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू हुई है।
खुद ऑर्डर करते, महंगा सामान निकालकर पैकेट बदलते
इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर रामभवन सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड को लॉजिस्टिक सेवा देती है। कंपनी के बागपत, बड़ौत और खेकड़ा में डिलीवरी गोदाम हैं।
पिछले करीब डेढ़ साल से कंपनी के ऑनलाइन ऑर्डर बड़ी संख्या में कैंसिल होकर वापस आ रहे थे। लौटाए गए कई पैकेटों में छेड़छाड़ मिली। जांच में पता चला कि एप्पल समेत अन्य कंपनियों के महंगे मोबाइल निकालकर डिब्बों में सस्ता सामान रख दिया जाता था।
सीसीटीवी कैमरे की दृश्यता भी करते थे बाधित
कंपनी के रिकॉर्ड की जांच में पिछले डेढ़ साल में 77 लाख रुपये से अधिक के सामान के गायब होने का पता चला। इसके बाद गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
आरोप है कि गोदाम में बैग या अन्य सामान इस तरह रख दिया जाता था, जिससे सीसीटीवी कैमरे की दृश्यता बाधित हो जाए। इसी दौरान महंगे मोबाइल और अन्य सामान के पैकेट खोलकर सामान बदले जाने की आशंका है।
गोदाम मैनेजर समेत कई नाम सामने आए
जांच के दौरान गोदाम के मैनेजर आशीष चौधरी के साथ अभिषेक, विवेक और हिमांशु निवासी आजाद नगर, बड़ौत तथा अनिल निवासी मुजफ्फरनगर समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं।
पुलिस ने रविवार को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, गायब किए गए सामान और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
करोड़ों तक पहुंच सकता है गबन का आंकड़ा
शिकायतकर्ता के अनुसार अभी कंपनी के रिकॉर्ड में करीब 77 लाख रुपये से अधिक के सामान का नुकसान सामने आया है। पुलिस की जांच में यदि अन्य घटनाएं और आरोपी सामने आते हैं तो गबन का आंकड़ा करोड़ों रुपये तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।