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Baghpat News: कांवड़ लाने की जिद में बच्चे ने खाना छोड़ा, राह में जिंदगी साथ छोड़ गई
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बड़ौत। भगवान शिव की भक्ति में डूबे बड़ौली गांव के कक्षा चार के छात्र देवांश उर्फ माटू (9) ने कांवड़ लाने की जिद में खाना छोड़ दिया तो पिता सुनील उसे हरिद्वार ले गए। वहां से कांवड़ लेकर वापस लौटते समय मुजफ्फरनगर के छपार के पास सोमवार को ट्रॉली का पहिये के नीचे आकर कांवड़िये देवांश की मौत हो गई।
सुनील ने बताया कि उनका बेटा देवांश भगवान शिव की आराधना करता था। वह 15 दिन से कांवड़ लाने की जिद कर रहा था और परिवार के लोगों के समझाने के बाद भी नहीं माना। उसे परिवार वालों ने साफ मना कर दिया तो उसने खाना भी छोड़ दिया था। बेटे की आस्था को देखते हुए और जिद को पूरा करने के लिए सुनील 29 जुलाई को मोहल्ले के 25 कांवड़ियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे रखकर हरिद्वार चले गए। वहां से कांवड़ लेकर एक अगस्त को वापस आने लगे।
सुनील ने बताया कि तीन अगस्त को मुजफ्फरनगर जिले के छपार के पास चलते हुए देवांश को पेट में दर्द हो गया। उन्होंने देवांश को ट्रॉली में बैठा दिया। कुछ देर बाद वह ट्राॅली से नीचे उतरने लगा तो उसका पैर ट्रॉली पर लगे एक तार में उलझ गया। वह ट्रॉली के पहिये के आगे सड़क पर गिर गया। साथ चल रहे कांवड़ियों ने ट्रॉली को रोकने के लिए शोर मचाया, मगर तब तक देवांश के ऊपर से पहिया उतर गया।
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देवांश को एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दिए बिना ही देवांश के शव को गांव में लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुनील ने बताया कि देवांश का 17 अगस्त को जन्मदिन था। वह दो भाइयों में बड़ा था। छोटा बेटा यश आठ साल का है। बेटे की मौत से मां अंजू को गहरा सदमा लगा है। सीओ अंशु जैन के अनुसार यह हादसा मुजफ्फरनगर में हुआ है। परिजन कोई कार्रवाई चाहते हैं तो वहां शिकायत कर सकते हैं।
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सुनील ने बताया कि उनका बेटा देवांश भगवान शिव की आराधना करता था। वह 15 दिन से कांवड़ लाने की जिद कर रहा था और परिवार के लोगों के समझाने के बाद भी नहीं माना। उसे परिवार वालों ने साफ मना कर दिया तो उसने खाना भी छोड़ दिया था। बेटे की आस्था को देखते हुए और जिद को पूरा करने के लिए सुनील 29 जुलाई को मोहल्ले के 25 कांवड़ियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डीजे रखकर हरिद्वार चले गए। वहां से कांवड़ लेकर एक अगस्त को वापस आने लगे।
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सुनील ने बताया कि तीन अगस्त को मुजफ्फरनगर जिले के छपार के पास चलते हुए देवांश को पेट में दर्द हो गया। उन्होंने देवांश को ट्रॉली में बैठा दिया। कुछ देर बाद वह ट्राॅली से नीचे उतरने लगा तो उसका पैर ट्रॉली पर लगे एक तार में उलझ गया। वह ट्रॉली के पहिये के आगे सड़क पर गिर गया। साथ चल रहे कांवड़ियों ने ट्रॉली को रोकने के लिए शोर मचाया, मगर तब तक देवांश के ऊपर से पहिया उतर गया।
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देवांश को एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दिए बिना ही देवांश के शव को गांव में लाकर अंतिम संस्कार कर दिया गया। सुनील ने बताया कि देवांश का 17 अगस्त को जन्मदिन था। वह दो भाइयों में बड़ा था। छोटा बेटा यश आठ साल का है। बेटे की मौत से मां अंजू को गहरा सदमा लगा है। सीओ अंशु जैन के अनुसार यह हादसा मुजफ्फरनगर में हुआ है। परिजन कोई कार्रवाई चाहते हैं तो वहां शिकायत कर सकते हैं।