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सभी केंद्र: बेटी के जन्म पर अस्पताल में रिश्ते की मौत
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रमाला। असारा गांव की शाहीन ने शुक्रवार को बड़ौत के निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया तो ससुराल वाले रिश्ता तोड़ने की बात कहते हुए उसको अस्पताल में छोड़कर चले गए। मायके वालों के साथ बारिश में भीगते हुए नवजात बच्ची को लेकर शाहीन ससुराल पहुंची तो वहां अपनों ने दरवाजा बंद कर लिया। घंटों इंतजार के बाद हालत बिगड़ने पर मायके वालों ने मुजफ्फरनगर के अस्पताल में उसे भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। इस मामले में पुलिस ने पति,सास और ननद समेत चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
मुजफ्फरनगर के हरसौली निवासी मुस्तकीम की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक उसकी बहन शाहीन का निकाह दो साल पहले असारा गांव के नईम के साथ हुआ था। नईम गांव में रहकर खेती करता है और उसका बड़ा भाई यूपी पुलिस में सिपाही है। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में कार की मांग करने लगे। छह महीने पहले उसकी बहन को मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया गया। उस समय वह तीन माह की गर्भवती थी। इसके बाद से वह मायके में रह रही थी।
मुस्तकीम ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले नईम रिश्तेदारों की मौजूदगी में शाहीन को अपने साथ ले गया था। शुक्रवार को शाहीन ने बड़ौत के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि बच्ची के जन्म पर ससुराल वाले उसको अस्पताल में छोड़कर भाग गए। शाहीन मायके वालों के साथ बच्ची को लेकर एंबुलेंस से असारा स्थित ससुराल पहुंची। ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला तो वह बारिश में बाहर भीगती रही।
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इसे लेकर वहां काफी देर तक हंगामा हुआ। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर आई पुलिस ने मामला शांत कराया और शाहीन को दरवाजा खोलवाकर घर के अंदर भेजा गया। आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद शाहीन की पिटाई की गई। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। मायके वाले दोबारा वहां आए और उसे मुजफ्फरनगर के अस्पताल में भर्ती कराया।
सीओ अंशु जैन ने बताया कि दहेज उत्पीड़न और बच्ची को जन्म देने पर प्रसूता की पिटाई करने की शिकायत पर पति नईम, सास जफरीन, ननद गुलशन व जेठ खलील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इनसेट
पति ने आरोपों को बताया निराधार
शाहीन के पति नईम ने आरोपों को निराधार बताया है। उसने बताया उसका पत्नी से छह-सात महीनों से विवाद चल रहा है। पत्नी मायके में रह रही थी। बच्ची का जन्म होने पर उसे मायके वाले यहां लेकर आए थे। मायके वाले ही उसे वापस लेकर चले गए।
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मुजफ्फरनगर के हरसौली निवासी मुस्तकीम की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक उसकी बहन शाहीन का निकाह दो साल पहले असारा गांव के नईम के साथ हुआ था। नईम गांव में रहकर खेती करता है और उसका बड़ा भाई यूपी पुलिस में सिपाही है। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में कार की मांग करने लगे। छह महीने पहले उसकी बहन को मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया गया। उस समय वह तीन माह की गर्भवती थी। इसके बाद से वह मायके में रह रही थी।
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मुस्तकीम ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले नईम रिश्तेदारों की मौजूदगी में शाहीन को अपने साथ ले गया था। शुक्रवार को शाहीन ने बड़ौत के एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म दिया। आरोप है कि बच्ची के जन्म पर ससुराल वाले उसको अस्पताल में छोड़कर भाग गए। शाहीन मायके वालों के साथ बच्ची को लेकर एंबुलेंस से असारा स्थित ससुराल पहुंची। ससुराल वालों ने दरवाजा नहीं खोला तो वह बारिश में बाहर भीगती रही।
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इसे लेकर वहां काफी देर तक हंगामा हुआ। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इसकी सूचना मिलने पर आई पुलिस ने मामला शांत कराया और शाहीन को दरवाजा खोलवाकर घर के अंदर भेजा गया। आरोप है कि पुलिस के जाने के बाद शाहीन की पिटाई की गई। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। मायके वाले दोबारा वहां आए और उसे मुजफ्फरनगर के अस्पताल में भर्ती कराया।
सीओ अंशु जैन ने बताया कि दहेज उत्पीड़न और बच्ची को जन्म देने पर प्रसूता की पिटाई करने की शिकायत पर पति नईम, सास जफरीन, ननद गुलशन व जेठ खलील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इनसेट
पति ने आरोपों को बताया निराधार
शाहीन के पति नईम ने आरोपों को निराधार बताया है। उसने बताया उसका पत्नी से छह-सात महीनों से विवाद चल रहा है। पत्नी मायके में रह रही थी। बच्ची का जन्म होने पर उसे मायके वाले यहां लेकर आए थे। मायके वाले ही उसे वापस लेकर चले गए।