Fact Check: पासपोर्ट खोया न ऑस्ट्रेलिया गया, यूपी के इस जिले का निकला 'एंडरसन', वायरल वीडियो का ये है सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो को इस दावे के साथ वायरल किया जा रहा है कि 'एंडरसन' नाम का विदेशी पर्यटक आगरा में पासपोर्ट खोने के बाद मजदूरी करने को मजबूर हो गया। अमर उजाला पड़ताल में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोशल मीडिया पर इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि 'एंडरसन' नाम का विदेशी पर्यटक ताजमहल देखने आगरा आया था, लेकिन पासपोर्ट खो जाने के बाद भारत में मजदूरी करने को मजबूर हो गया। हालांकि, पड़ताल में यह दावा पूरी तरह भ्रामक और झूठा निकला।
विदेशी नहीं, बागपत का साहिल देशवाल
जांच में पता चला कि वीडियो में दिखाई दे रहा युवक कोई विदेशी नागरिक नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद के काठा गांव का निवासी साहिल देशवाल है। साहिल ने बताया कि वह कभी ऑस्ट्रेलिया नहीं गया और न ही उसका पासपोर्ट खोया है। वायरल वीडियो में जो कहानी जोड़ी जा रही है, उसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
यह भी पढ़ें: UP: बिजनौर में हत्या, पत्नी की नौकरी पर विवाद, सोते हुए साले पर दामाद ने बरसाए ताबड़तोड़ चाकू, आरोपी गिरफ्तार
दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति के कारण हुई गलतफहमी
साहिल देशवाल एक दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति से प्रभावित हैं, जिसके कारण उनकी त्वचा, बाल, दाढ़ी, मूंछ और भौहें लगभग पूरी तरह सफेद दिखाई देती हैं। इसी असामान्य रूप-रंग की वजह से लोग अक्सर उन्हें विदेशी समझ लेते हैं।
साहिल के अनुसार, वह ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके एक साथी ने उनकी वीडियो रील बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दी। बाद में कुछ लोगों ने उसे विदेशी पर्यटक बताकर पासपोर्ट खोने और मजदूरी करने की मनगढ़ंत कहानी के साथ वायरल कर दिया।
संदर्भ से हटाकर किया गया वायरल
पड़ताल में यह भी सामने आया कि साहिल सामाजिक माध्यमों, विशेषकर इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं और समय-समय पर अपने वीडियो साझा करते रहते हैं। वायरल क्लिप भी उनके ही वीडियो का हिस्सा है, जिसे संदर्भ से हटाकर भ्रामक दावे के साथ प्रसारित किया गया।