फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   farmer news

Baghpat News: अनुदान की उम्मीद में बुजुर्ग हो गए किसान, फूटी कौड़ी तक नहीं मिली

Tue, 04 Aug 2026 01:44 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
farmer news
बड़ौत। बासौली के किसान विनोद ने वर्ष 2015 में 27 हजार रुपये में चारा काटने वाली मशीन खरीदी थी। उनको कृषि विभाग से 20 हजार रुपये अनुदान मिलना था। इसके लिए विनोद ने तभी आवेदन की सभी प्रक्रिया पूरी कर दी, मगर आज तक अनुदान नहीं मिला। विनोद की उम्र तब 49 साल थी और अब वह 60 साल के बुजुर्ग हो चुके हैं। इसके बावजूद अनुदान के लिए भटक रहे हैं।
विज्ञापन

अनुदान के लिए भटकते हुए केवल विनोद ही बुजुर्ग नहीं हुए, बल्कि बसी गांव के किसान श्याम सिंह की उम्र उस समय करीब 56 साल थी और अब वह 67 साल के हो गए हैं। शिकोहपुर के महेंद्र सिंह तब 62 वर्ष के थे, जो अब 73 वर्ष के हैं। ऐसे ही 150 किसान तब से लगातार विभाग के चक्कर काटते रहे और कृषि विभाग के अधिकारी उनको टरकाते रहे। वह उन पर विश्वास करते रहे।
विज्ञापन

इन किसानों को अब पता चला कि इनका अनुदान तभी विभाग के अधिकारियों व कर्मियों ने हजम कर लिया, इसलिए अब हक की लड़ाई के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की तो वहां भी अफसरों ने फर्जीवाड़ा कर दिया। इन शिकायतकर्ता किसानों के बजाय दूसरे किसानों के मोबाइल नंबर दर्ज कर शिकायतों का फर्जी निस्तारण कर दिया गया। उनके पास फोन करके शिकायत के निस्तारण का फीडबैक लिया गया तो उन्होंने कोई शिकायत नहीं करने की बात कह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन



अधिकतर शिकायतों के निस्तारण में लूंब के मनीष का मोबाइल नंबर लूंब गांव के रहने वाले किसान मनीष चौहान ने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों ने कई किसानों की शिकायतों का निस्तारण करते हुए उनका मोबाइल नंबर दर्ज कर रखा है। इसलिए पिछले तीन महीने से लगातार लखनऊ से शिकायतों के निस्तारण के संबंध में उनके पास फोन आते हैं। उन्होंने कई बार कृषि विभाग कार्यालय जाकर आपत्ति जताई कि उन्होंने न मशीन खरीदी है और न ही किसी योजना के तहत आवेदन या शिकायत की है। आश्वासन के बावजूद आज तक स्थिति नहीं बदली और अब भी उनके पास लगातार फोन आते हैं।




परिवार वालों के ताने भी झेल रहे किसान
चारा काटने वाली मशीन खरीदने वाले किसानों का कहना है कि सरकारी योजना पर भरोसा कर उन्होंने मशीन खरीदी थी। अनुदान नहीं मिलने से आर्थिक नुकसान तो हुआ ही, साथ में परिवार वाले भी ताने देते हैं कि सरकारी भरोसे में आकर रुपये फंसा दिए। कई किसानों ने उम्मीद छोड़ दी, लेकिन कुछ को आज भी अपने हक की राशि मिलने का इंतजार है।

ये बोले किसान

11 साल पहले अनुदान के भरोसे चारा काटने वाली मशीन खरीदी थी। अनुदान के रुपये नहीं मिले तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन वहां भी मेरा मोबाइल नंबर हटाकर दूसरे किसान का नंबर दर्ज कर शिकायत का फर्जी निस्तारण कर दिया गया। उसमें लिखा गया कि इनको अनुदान की सही जानकारी नहीं थी, इसलिए शिकायत कर दी थी, जो निस्तारित हो गई। -हरख्याल, बरवाला।




हमें बताया गया था कि अनुदान की राशि 20 हजार रुपये मिल जाएगी। इसी भरोसे पर मशीन खरीदी, लेकिन आज तक एक फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। किसानों के हिस्से का पैसा आखिर गया कहां, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी तो भविष्य में किसी के साथ इस तरह नहीं किया जाएगा।

-महेंद्र सिंह, शिकोहपुर




वर्जन--
अनुदान वितरण या शिकायतों के निस्तारण में गड़बड़ी हुई है तो यह गंभीर मामला है। रिकॉर्ड की जांच कराई जाएगी कि आखिर किसानों को अनुदान क्यों नहीं मिला। पूरी जानकारी करके ही इसमें आगे कुछ किया जाएगा।
-विभाति चतुर्वेदी, उप निदेशक कृषि
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed