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औद्योगिक क्षेत्र के लिए किसान नहीं देंगे जमीन, आंदोलन करेंगे : भोपाल
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रटौल। सरफाबाद गांव में रविवार को रटौल व सिंगौली तगा गांव के किसानों की बैठक हुई। भोपाल प्रधान ने कहा कि कम दाम में किसान औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन नहीं देंगे और यदि किसानों की जमीन जबरदस्ती ली तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बैनामाें पर रोक लगाने का विरोध जताते हुए एनजीटी व हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि मैंगोफ्रूट बेल्ट में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है और इसके लिए दो हजार हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने संबंधित गांवों में जमीन के बैनामों पर रोक लगा दी है। साथ ही सर्किल रेट वृद्धि पर भी रोक लगाई गई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। जाकिर प्रधान ने बताया कि सरफाबाद, रटौल व सिंगौली गांव की करीब 1500 बीघा जमीन नंगला में आती है, जो प्रसिद्ध मैंगोफ्रूट बेल्ट की परिधि में शामिल है।
ऐसे में इस क्षेत्र में औद्योगिक परियोजना स्थापित करना पर्यावरण और बागवानी दोनों के लिए नुकसानदायक होगा। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र से दूर रखने की मांग की। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कर रही है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य उससे कहीं अधिक है। किसानों ने बैठक में निर्णय लिया कि यदि उनकी जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए ली जाती है तो वह दिल्ली एनजीटी व हाईकोर्ट की शरण लेंगे। बैठक में सुरेंद्र शर्मा, चौधरी साजिद, जगदीश, रिफाकत चौधरी, जगन मास्टर, उमेश शर्मा, नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मैंगोफ्रूट बेल्ट में औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित है और इसके लिए दो हजार हेक्टेयर जमीन किसानों से ली जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने संबंधित गांवों में जमीन के बैनामों पर रोक लगा दी है। साथ ही सर्किल रेट वृद्धि पर भी रोक लगाई गई है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। जाकिर प्रधान ने बताया कि सरफाबाद, रटौल व सिंगौली गांव की करीब 1500 बीघा जमीन नंगला में आती है, जो प्रसिद्ध मैंगोफ्रूट बेल्ट की परिधि में शामिल है।
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ऐसे में इस क्षेत्र में औद्योगिक परियोजना स्थापित करना पर्यावरण और बागवानी दोनों के लिए नुकसानदायक होगा। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र से दूर रखने की मांग की। सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सरकार सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की बात कर रही है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य उससे कहीं अधिक है। किसानों ने बैठक में निर्णय लिया कि यदि उनकी जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए ली जाती है तो वह दिल्ली एनजीटी व हाईकोर्ट की शरण लेंगे। बैठक में सुरेंद्र शर्मा, चौधरी साजिद, जगदीश, रिफाकत चौधरी, जगन मास्टर, उमेश शर्मा, नवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
