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Baghpat News: पुलिस जांच होने तक चिकित्सकों व फार्मासिस्ट पर नहीं होगी कार्रवाई
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बागपत। जिला अस्पताल के सीएमएस, चिकित्सक व फार्मासिस्ट पर दर्ज प्राथमिकी खत्म नहीं होने पर चिकित्सकों व फार्मासिस्टों ने मंगलवार को बैठक करके 72 घंटे बाद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी तो पुलिस की परेशानी बढ़ गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों चिकित्सकों व भाकियू नेता से बातचीत की और पुलिस जांच होने तक चिकित्सकों व फार्मासिस्ट पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई। इसके बाद भी चिकित्सकों ने हड़ताल का फैसला नहीं बदला है।
जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मंगलवार को बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह ने पुलिस पर गलत तरीके से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही प्राथमिकी निरस्त नहीं करने पर 72 घंटे बाद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई।
चिकित्सकों व फार्मासिस्टों के इस फैसले के बाद पुलिस की परेशानी बढ़ गई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह व सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय से बातचीत की गई तो वादी पक्ष भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा से भी बात की गई। एसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को बता दिया गया है कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। इसमें जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभी चिकित्सकों व फार्मासिस्टों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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यह था पूरा मामला
भाकियू के दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी सुंदरी देवी को चार नवंबर 2025 में घर में सांप ने डस लिया था। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां उपचार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप लगाया गया कि गलत उपचार के कारण उनकी मौत हुई है। इसमें दस दिन पहले ही सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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जिला अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ व डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मंगलवार को बैठक हुई थी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह ने पुलिस पर गलत तरीके से सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही प्राथमिकी निरस्त नहीं करने पर 72 घंटे बाद हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई।
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चिकित्सकों व फार्मासिस्टों के इस फैसले के बाद पुलिस की परेशानी बढ़ गई। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवीर सिंह व सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय से बातचीत की गई तो वादी पक्ष भाकियू के एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा से भी बात की गई। एसपी पूर्णेंदु सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को बता दिया गया है कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। इसमें जांच में जिस तरह की बात सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अभी चिकित्सकों व फार्मासिस्टों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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यह था पूरा मामला
भाकियू के दिल्ली एनसीआर महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी सुंदरी देवी को चार नवंबर 2025 में घर में सांप ने डस लिया था। उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया तो वहां उपचार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई थी। आरोप लगाया गया कि गलत उपचार के कारण उनकी मौत हुई है। इसमें दस दिन पहले ही सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक डॉ. विक्रांत चौबे व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।