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Baghpat News: बिचपड़ी में रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर क्लीनिक किया सील
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बागपत। बिचपड़ी गांव में महिला सुनीता का मोबाइल की टॉर्च में ऑपरेशन करने के कारण महिला की मौत के बाद नायब तहसीलदार विनोद कुमार के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। उन्होंने क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर सील कर दिया और ऑपरेशन की अनुमति होने पर डॉ. अमर व डॉ. शिव के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
बिचपड़ी गांव निवासी हरवीर ने बताया कि उसकी पत्नी सुनीता के शरीर में गांठ होने पर बिचपड़ी गांव के चिकित्सक डॉ. अमर व डॉ. शिव से 31 अगस्त को ऑपरेशन कराया था। इसके बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी, जिसका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार कराया, जहां आठ सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने जांच टीम का गठन कर दिया था। जांच करने के लिए सोमवार की शाम को नायब तहसीलदार विनोद कुमार, सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. मनीष त्यागी पुलिस के साथ गांव में पहुंचे।
टीम ने पहले पीड़ित के बयान लिए और फिर क्लीनिक पर पहुंचे। वहां डॉ. अमर व डॉ. शिवा मिले और उनकी डिग्री देखी तो उनके पास बीएमएस की डिग्री मिली, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। जब ऑपरेशन करने की जानकारी ली तो बताया कि उन्होंने महिला का ऑपरेशन किया था। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि दोनों भाई ऑपरेशन नहीं कर सकते थे और फिर भी ऑपरेशन कर दिया। उनकी लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। उन्होंने दोनों के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंपी जाएगी।
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बिचपड़ी गांव निवासी हरवीर ने बताया कि उसकी पत्नी सुनीता के शरीर में गांठ होने पर बिचपड़ी गांव के चिकित्सक डॉ. अमर व डॉ. शिव से 31 अगस्त को ऑपरेशन कराया था। इसके बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ने लगी, जिसका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार कराया, जहां आठ सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद सीएमओ डॉ. तीरथलाल ने जांच टीम का गठन कर दिया था। जांच करने के लिए सोमवार की शाम को नायब तहसीलदार विनोद कुमार, सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार और डॉ. मनीष त्यागी पुलिस के साथ गांव में पहुंचे।
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टीम ने पहले पीड़ित के बयान लिए और फिर क्लीनिक पर पहुंचे। वहां डॉ. अमर व डॉ. शिवा मिले और उनकी डिग्री देखी तो उनके पास बीएमएस की डिग्री मिली, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। जब ऑपरेशन करने की जानकारी ली तो बताया कि उन्होंने महिला का ऑपरेशन किया था। सीएचसी अधीक्षक डॉ. विभाष राजपूत ने बताया कि दोनों भाई ऑपरेशन नहीं कर सकते थे और फिर भी ऑपरेशन कर दिया। उनकी लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है। उन्होंने दोनों के खिलाफ सिंघावली अहीर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि रिपोर्ट बनाकर सीएमओ को सौंपी जाएगी।
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