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Baghpat News: कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरी पर सील लगने के बाद सुनसान हुई खत्री गली
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- सेंटरों के संचालन के दौरान गली में रोजाना हजारों की संख्या में विद्यार्थियों का होता था आवागमन
- गली में बिना मानक के 200 मीटर के दायरे में संचालित थे 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद नगर की खत्री गली में नियम विरुद्ध चल रहे 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी पर सील लगने के बाद गली पूरी तरह से सुनसान हो गई है। जबकि सेंटर संचालन के दौरान यहां से रोजाना हजारों विद्यार्थियों का आवागमन होता था, जिससे गली गुलजार रहती थी।
खत्री गली इतनी संकरी है, जहां से बाइक सवार या पैदल लोग ही गुजर सकते हैं। कार व अन्य वाहन यहां से किसी भी हालत में नहीं गुजर सकते। 200 मीटर के दायरे में घरों, दुकानों, बेसमेंट व तीसरी मंजिल पर 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी चल रहीं थीं। जिनमें रोजाना हजारों की संख्या में विद्यार्थी शहर के अलावा गांव से भी पढ़ने के लिए आते थे। अग्निकांड के बाद बिना मानक के चल रहे इन सभी सेंटरों पर शासन के आदेश पर प्रशासन ने अभियान चलाकर सील लगाई। हालांकि गली के बाहर नगर में कई जगह पर चल रहे कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरी पर भी सील लगाई गई है, मगर सबसे अधिक असर खत्री गली में देखने को मिल रहा है। गली में घुसने पर सन्नाटे के अलावा सेंटरों पर लटके ताले दिखते हैं।
विजय, राहुल, प्रवीण, अमन समेत अन्य का कहना है कि सेंटरों के संचालन के दौरान गली में विद्यार्थियों की भीड़ और उनके आवागमन के कारण यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल होता था। दिनभर गली में जाम लगा रहता था। अब गली का सुनसान नजारा देखकर हर कोई हैरान है। गली में अब कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग की ही दुकानें खुली हुई हैं। अब देखना है कि कब तक सेंटरों पर ताले लटके रहेंगे। हालांकि अभी प्रशासन की सूची के अनुसार कुछ और सेंटरों पर भी कार्रवाई होनी बाकी है। जिसके लिए अधिकारियों द्वारा अभियान चलाने की बात कही जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज रस्तोगी के अनुसार नियमों का पालन नहीं करने वाले कई अन्य सेंटरों पर जल्द सील लगाई जाएगी।
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- गली में बिना मानक के 200 मीटर के दायरे में संचालित थे 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद नगर की खत्री गली में नियम विरुद्ध चल रहे 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी पर सील लगने के बाद गली पूरी तरह से सुनसान हो गई है। जबकि सेंटर संचालन के दौरान यहां से रोजाना हजारों विद्यार्थियों का आवागमन होता था, जिससे गली गुलजार रहती थी।
खत्री गली इतनी संकरी है, जहां से बाइक सवार या पैदल लोग ही गुजर सकते हैं। कार व अन्य वाहन यहां से किसी भी हालत में नहीं गुजर सकते। 200 मीटर के दायरे में घरों, दुकानों, बेसमेंट व तीसरी मंजिल पर 31 कोचिंग सेंटर व लाइब्रेरी चल रहीं थीं। जिनमें रोजाना हजारों की संख्या में विद्यार्थी शहर के अलावा गांव से भी पढ़ने के लिए आते थे। अग्निकांड के बाद बिना मानक के चल रहे इन सभी सेंटरों पर शासन के आदेश पर प्रशासन ने अभियान चलाकर सील लगाई। हालांकि गली के बाहर नगर में कई जगह पर चल रहे कोचिंग सेंटरों व लाइब्रेरी पर भी सील लगाई गई है, मगर सबसे अधिक असर खत्री गली में देखने को मिल रहा है। गली में घुसने पर सन्नाटे के अलावा सेंटरों पर लटके ताले दिखते हैं।
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विजय, राहुल, प्रवीण, अमन समेत अन्य का कहना है कि सेंटरों के संचालन के दौरान गली में विद्यार्थियों की भीड़ और उनके आवागमन के कारण यहां से पैदल निकलना भी मुश्किल होता था। दिनभर गली में जाम लगा रहता था। अब गली का सुनसान नजारा देखकर हर कोई हैरान है। गली में अब कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग की ही दुकानें खुली हुई हैं। अब देखना है कि कब तक सेंटरों पर ताले लटके रहेंगे। हालांकि अभी प्रशासन की सूची के अनुसार कुछ और सेंटरों पर भी कार्रवाई होनी बाकी है। जिसके लिए अधिकारियों द्वारा अभियान चलाने की बात कही जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मनोज रस्तोगी के अनुसार नियमों का पालन नहीं करने वाले कई अन्य सेंटरों पर जल्द सील लगाई जाएगी।
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