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Baghpat News: काम न कागज, रुपये हो गए गायब
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- मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत 25 गांवों को पांच साल में मिले तीन करोड़ 96 लाख रुपये
- सभी गांवों में रुपये निकाले गए, अधिकतर में कागज नहीं तो जमीन पर काम भी नहीं दिखाई दिए
अंकित चौहान
बागपत। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत पांच सालों में 25 गांवों को तीन करोड़ 96 लाख रुपये सरकार से मिले। इन रुपयों से गांवों में कराए गए न काम दिख रहे और न कागज मिल रहे हैं। रुपये गायब हो गए और अब उनका हिसाब सचिव व प्रधान में कोई नहीं दे पा रहा है।
जिला पंचायतीराज विभाग के माध्यम से हर साल पांच गांवों के नाम मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के लिए भेजे जाते हैं। इस योजना के तहत प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ व पंचम स्थान तय करके उनके अनुसार ही विकास कार्यों के लिए पुरस्कार राशि दी जाती है।
वर्ष 2022-23 तक यह पुरस्कार राशि 11-2 लाख रुपये तक थी, जो बाद में बढ़कर 35-10 लाख रुपये तक हो गई। इस राशि को ऐसे कार्यों पर खर्च करना था, जिनसे गांवों की आय बढ़ सके। आय बढ़ाना तो दूर की बात, अब यह भी नहीं पता चल रहा है कि इस राशि को किस-किस कार्य के लिए खर्च किया गया है।
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सचिव व प्रधान से कागज मांगे गए तो उनके पास कागज तक नहीं हैं, जबकि खातों से रुपये निकालकर खर्च दिखा दिए गए। ऐसे में जिनके पास कागज नहीं मिल रहे हैं, वह सभी सचिव व प्रधान फंसते दिख रहे हैं।
- पुरस्कार राशि से यह होने थे कार्य
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना में मिली धनराशि से सामुदायिक सुविधा, ग्रामीण बाजार, रोजगार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रशिक्षण, भंडारण, स्मार्ट क्लास, सोलर शक्ति केंद्र, स्वराज स्थल व अन्य कार्यों को प्राथमिकता देनी थी। अधिकतर गांवों में इन कार्यों को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई। साथ ही पुरस्कार धनराशि से आय के स्रोत भी बढ़ाने थे, लेकिन इन कार्यों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
-- इन गांवों को इस तरह मिली राशि
- वर्ष 2021-22 में अहमदपुर गठीना को 11, बदरखा को 9, गाधी को 7, टांडा को 4, गूंगाखेड़ी को 2 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2022-23 में सिरसली को 11, नौरोजपुर गुर्जर को 9, खेडक़ी को 7, मुजफ्फरपुर कनवाड़ा को 4, नंगला बड़ी को 2 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2023-24 में राशि बढ़ने पर फजलपुर को 35, सूजरा को 30, ककौर कलां को 20, फैजपुर निनाना को 15, जौहड़ी को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2024-25 में मीतली को 35, आरिफपुर खेड़ी को 30, फखरपुर को 20, लहचौड़ा को 12.5, पिलाना को 12.5 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2025-26 में फजलपुर को 35, कुर्डी को 30, ककड़ीपुर को 20, छछरपुर को 15, अंगदपुर को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
-- मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत मिली राशि को किस कार्य पर खर्च किया गया है, उसके कागज मांगे गए हैं। जिससे उनकी जांच कराई जा सके। अभी तक किसी के कागज नहीं मिले हैं। इसमें जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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- सभी गांवों में रुपये निकाले गए, अधिकतर में कागज नहीं तो जमीन पर काम भी नहीं दिखाई दिए
अंकित चौहान
बागपत। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के तहत पांच सालों में 25 गांवों को तीन करोड़ 96 लाख रुपये सरकार से मिले। इन रुपयों से गांवों में कराए गए न काम दिख रहे और न कागज मिल रहे हैं। रुपये गायब हो गए और अब उनका हिसाब सचिव व प्रधान में कोई नहीं दे पा रहा है।
जिला पंचायतीराज विभाग के माध्यम से हर साल पांच गांवों के नाम मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के लिए भेजे जाते हैं। इस योजना के तहत प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ व पंचम स्थान तय करके उनके अनुसार ही विकास कार्यों के लिए पुरस्कार राशि दी जाती है।
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वर्ष 2022-23 तक यह पुरस्कार राशि 11-2 लाख रुपये तक थी, जो बाद में बढ़कर 35-10 लाख रुपये तक हो गई। इस राशि को ऐसे कार्यों पर खर्च करना था, जिनसे गांवों की आय बढ़ सके। आय बढ़ाना तो दूर की बात, अब यह भी नहीं पता चल रहा है कि इस राशि को किस-किस कार्य के लिए खर्च किया गया है।
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सचिव व प्रधान से कागज मांगे गए तो उनके पास कागज तक नहीं हैं, जबकि खातों से रुपये निकालकर खर्च दिखा दिए गए। ऐसे में जिनके पास कागज नहीं मिल रहे हैं, वह सभी सचिव व प्रधान फंसते दिख रहे हैं।
- पुरस्कार राशि से यह होने थे कार्य
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना में मिली धनराशि से सामुदायिक सुविधा, ग्रामीण बाजार, रोजगार प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रशिक्षण, भंडारण, स्मार्ट क्लास, सोलर शक्ति केंद्र, स्वराज स्थल व अन्य कार्यों को प्राथमिकता देनी थी। अधिकतर गांवों में इन कार्यों को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई। साथ ही पुरस्कार धनराशि से आय के स्रोत भी बढ़ाने थे, लेकिन इन कार्यों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
- वर्ष 2021-22 में अहमदपुर गठीना को 11, बदरखा को 9, गाधी को 7, टांडा को 4, गूंगाखेड़ी को 2 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2022-23 में सिरसली को 11, नौरोजपुर गुर्जर को 9, खेडक़ी को 7, मुजफ्फरपुर कनवाड़ा को 4, नंगला बड़ी को 2 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2023-24 में राशि बढ़ने पर फजलपुर को 35, सूजरा को 30, ककौर कलां को 20, फैजपुर निनाना को 15, जौहड़ी को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2024-25 में मीतली को 35, आरिफपुर खेड़ी को 30, फखरपुर को 20, लहचौड़ा को 12.5, पिलाना को 12.5 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।
- वर्ष 2025-26 में फजलपुर को 35, कुर्डी को 30, ककड़ीपुर को 20, छछरपुर को 15, अंगदपुर को 10 लाख रुपये पुरस्कार राशि मिली।