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Baghpat News: फायरिंग के आरोपियों को बचाने के चक्कर में हल्का प्रभारी निलंबित
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बागपत। अहमदपुर गठीना बिजलीघर पर तैनात अवर अभियंता मोहम्मद आसिफ को व्हाट्सएप कॉल पर धमकी देने और बिजलीघर पर फायरिंग के आरोपियों को बचाने के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने हल्का प्रभारी धीरज कुमार को निलंबित कर दिया है। इस मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए गए आरोपी गुड्डू उर्फ मनीष और कन्हैया उर्फ अंकुर निवासी गांधी को पुलिस ने न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। जांच में जानलेवा हमले की धारा भी बढ़ाई गई है।
अवर अभियंता मोहम्मद आसिफ ने सात जून को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गांधी गांव में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ छापामारी कर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर गोली मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में गुड्डू उर्फ मनीष और कन्हैया उर्फ अंकुर निवासी गांधी के नाम सामने आए। यह भी पता चला कि अवर अभियंता को धमकी देने के बाद बिजलीघर के बाहर फायरिंग भी की गई थी। पुलिस ने जानलेवा हमला करने की धारा बढ़ाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस गिरफ्तारी के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बिना ही आरोपियों को दाखिल कर दिया गया था। फायरिंग में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद नहीं किया गया था।
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इस मामले में पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जांच कराई, जिसमें हल्का प्रभारी धीरज कुमार की लापरवाही सामने आई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिजलीघर पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। लापरवाही उजागर होने पर हल्का प्रभारी धीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
-साइबर थाने से हटाए गए थे इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी
साइबर ठगी के आरोपियों को जमानती धाराओं में थाने से जमानत देने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की है। इसमें साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों को हटाकर दूसरी जगहों पर तैनात किया गया है।
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अवर अभियंता मोहम्मद आसिफ ने सात जून को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि गांधी गांव में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ छापामारी कर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर गोली मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने व्हाट्सएप नंबर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।
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पुलिस की जांच में गुड्डू उर्फ मनीष और कन्हैया उर्फ अंकुर निवासी गांधी के नाम सामने आए। यह भी पता चला कि अवर अभियंता को धमकी देने के बाद बिजलीघर के बाहर फायरिंग भी की गई थी। पुलिस ने जानलेवा हमला करने की धारा बढ़ाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस गिरफ्तारी के बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दिए बिना ही आरोपियों को दाखिल कर दिया गया था। फायरिंग में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद नहीं किया गया था।
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इस मामले में पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने जांच कराई, जिसमें हल्का प्रभारी धीरज कुमार की लापरवाही सामने आई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बिजलीघर पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। लापरवाही उजागर होने पर हल्का प्रभारी धीरज कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
-साइबर थाने से हटाए गए थे इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मी
साइबर ठगी के आरोपियों को जमानती धाराओं में थाने से जमानत देने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की है। इसमें साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों को हटाकर दूसरी जगहों पर तैनात किया गया है।