UP: 54 सचिवों पर कार्रवाई से भड़का विरोध, DPRO कार्यालय पर धरना, पांच माह का वेतन भी बना बड़ा मुद्दा
बागपत में ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों ने डीपीआरओ कार्यालय पर धरना देकर 54 सचिवों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टियां वापस लेने और पांच माह से लंबित वेतन जारी करने की मांग की। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
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बागपत जनपद में विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पर मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 54 ग्राम पंचायत सचिवों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टियां वापस लेने तथा पिछले पांच माह से लंबित वेतन का भुगतान जल्द कराने की मांग उठाई।
प्रतिकूल प्रविष्टि वापस लेने की मांग
ग्राम पंचायत सचिव संघ के जिला अध्यक्ष जोनी चौधरी और ग्राम विकास अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष अनिल मान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कर्मचारी डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे और परिसर में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि 29 जून को बिना उचित कारण जनपद के 54 ग्राम पंचायत सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई। उनका कहना है कि ग्राम पंचायतों में बजट खर्च नहीं होने को आधार बनाकर यह कार्रवाई की गई, जबकि बजट व्यय के लिए केवल सचिवों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
पांच माह से वेतन नहीं मिलने का आरोप
धरने के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों का लगभग पांच माह का वेतन अभी तक जारी नहीं किया गया है। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन रहेगा जारी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक 54 ग्राम पंचायत सचिवों को दी गई प्रतिकूल प्रविष्टियां वापस नहीं ली जातीं और लंबित वेतन जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने में कृष्ण तोमर, पूजा, सुनील बंसल, अनिल मान, संदीप सहित बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।