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Baghpat News: पूर्व राज्यपाल की पुण्यतिथि पर उठी किसानों व युवाओं के हक की आवाज
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बागपत के हिसावदा गांव में पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा
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बागपत/अमीनगर सराय। जम्मू कश्मीर और मेघालय के पूर्व राज्यपाल डॉ. सत्यपाल मलिक की पहली पुण्यतिथि पर बुधवार को हिसावदा गांव में श्रद्धांजलि सभा हुई। इसमें कांग्रेस नेताओं के अलावा किसानों व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंचे। इस दौरान किसानों व युवाओं का उत्पीड़न होने और उनके हक के लिए आवाज उठाते हुए लड़ाई लड़ने की बात कही गई। कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का कार्यक्रम आने के बाद भी वह नहीं पहुंचे।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। पूर्व राज्यपाल डॉ. सत्यपाल मलिक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि जिस लड़ाई को उन्होंने शुरू किया, उसे मुकाम तक पहुंचाया जाए। किसान, मजदूर व युवाओं के जिन मुद्दों के लिए उन्होंने सरकार की खिलाफत की, उनको उठाएं और इन सभी को इनका हक दिलाया जाए। हमारा मकसद होना चाहिए कि इन सभी का विरोध करने वाली सरकार को बदलकर मजबूत समाज बनाया जाए। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इस समय किसानों की जमीन को सरकार छीन रही है। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। पेपर लीक होने से छात्र परेशान हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। कहा कि यह ऐसी सरकार है, जिसने किसान, जवान, छात्रों व महिलाओं सभी को धोखा दिया। पूंजीपतियों को देश सौंपा जा रहा है और देश पर कर्ज चार गुना तक बढ़ गया है।
हुड्डा ने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ डॉ. सत्यपाल मलिक ने आवाज उठाई। उन्होंने कुर्सी की चिंता तक नहीं की और पुलवामा हमले में सरकार की लापरवाही उजागर की। वह आंदोलन कर रहे किसानों व खिलाड़ियों के साथ खड़े रहे। कहा कि जिस सरकार ने पुलवामा में जवानों की शहादत पर वोट मांगे और शहादत के जिम्मेदारों पर कुछ नहीं किया, ऐसी सरकार के खिलाफ खड़ा होना होगा। आरोप लगाया कि सत्यपाल मलिक का उत्पीड़न करके उनको मारा गया है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसी सरकार को अब मिलकर सबक सिखाना है।
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किसानों की हमेशा आवाज उठाते रहे सत्यपाल मलिक
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा किसान, मजदूर की आवाज उठाई। किसान नेताओं व संगठनों को एक साथ मिलकर किसान के लिए आवाज उठानी पड़ेगी। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी की लड़ाई उन्होंने मिलकर लड़ने की बात कही थी। वह चाहते थे कि युवा दोबारा से खेती की तरफ आए। अगर किसानों का उत्पीड़न बंद हो जाए तो वे दोबारा खेती की तरफ आएंगे। भाकियू के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि सत्ता के शिखर पर पहुंचकर किसानों व समाज के लिए सरकार से विद्रोह करना डॉ. सत्यपाल मलिक से सीखना चाहिए। भाकियू चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश को यह सरकार बर्बाद कर रही है। यह सरकार देश को अमेरिका को बेचकर उनका गुलाम बनाना चाहती है। इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए
राहुल गांधी का कार्यक्रम आया मगर वह नहीं आए
श्रद्धांजलि सभा में पिछले कई दिन से कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आने का प्रचार किया जा रहा था। उनका बुधवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस व प्रशासन के पास कार्यक्रम आया कि वह दोपहर एक बजे हिसावदा गांव में पहुंचेंगे। इसको देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वहां रास्ते में हुआ कीचड़ हटाकर अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक की जाने लगी। इसके बाद भी वह नहीं आ सके। इसका कारण बताया जा रहा है कि संसद सत्र चलने और वहां हंगामा होने के कारण वह नहीं आ सके। वहीं यह भी चर्चा रही कि हिसावदा में अव्यवस्था के कारण वह नहीं आ सके।
इन्होंने भी श्रद्धांजलि दी
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक, जाट सभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, कांग्रेस के प्रदेश सचिव अहमद हमीद, किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओमवीर तोमर, हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष बत्तरा, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, प्रदीप नरवाल, बिहार के पूर्व विधायक शौकीन आलम व किसान मजदूर संगठन के उपाध्यक्ष अन्नू मलिक आदि ने भी उनको श्रद्धांजलि दी।
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि इस सरकार में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। पूर्व राज्यपाल डॉ. सत्यपाल मलिक को सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि जिस लड़ाई को उन्होंने शुरू किया, उसे मुकाम तक पहुंचाया जाए। किसान, मजदूर व युवाओं के जिन मुद्दों के लिए उन्होंने सरकार की खिलाफत की, उनको उठाएं और इन सभी को इनका हक दिलाया जाए। हमारा मकसद होना चाहिए कि इन सभी का विरोध करने वाली सरकार को बदलकर मजबूत समाज बनाया जाए। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि इस समय किसानों की जमीन को सरकार छीन रही है। किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो रहे हैं। पेपर लीक होने से छात्र परेशान हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। कहा कि यह ऐसी सरकार है, जिसने किसान, जवान, छात्रों व महिलाओं सभी को धोखा दिया। पूंजीपतियों को देश सौंपा जा रहा है और देश पर कर्ज चार गुना तक बढ़ गया है।
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हुड्डा ने कहा कि ऐसी सरकार के खिलाफ डॉ. सत्यपाल मलिक ने आवाज उठाई। उन्होंने कुर्सी की चिंता तक नहीं की और पुलवामा हमले में सरकार की लापरवाही उजागर की। वह आंदोलन कर रहे किसानों व खिलाड़ियों के साथ खड़े रहे। कहा कि जिस सरकार ने पुलवामा में जवानों की शहादत पर वोट मांगे और शहादत के जिम्मेदारों पर कुछ नहीं किया, ऐसी सरकार के खिलाफ खड़ा होना होगा। आरोप लगाया कि सत्यपाल मलिक का उत्पीड़न करके उनको मारा गया है। उन्होंने आह्वान किया कि ऐसी सरकार को अब मिलकर सबक सिखाना है।
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किसानों की हमेशा आवाज उठाते रहे सत्यपाल मलिक
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि सत्यपाल मलिक ने हमेशा किसान, मजदूर की आवाज उठाई। किसान नेताओं व संगठनों को एक साथ मिलकर किसान के लिए आवाज उठानी पड़ेगी। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि किसानों के लिए एमएसपी की लड़ाई उन्होंने मिलकर लड़ने की बात कही थी। वह चाहते थे कि युवा दोबारा से खेती की तरफ आए। अगर किसानों का उत्पीड़न बंद हो जाए तो वे दोबारा खेती की तरफ आएंगे। भाकियू के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत ने कहा कि सत्ता के शिखर पर पहुंचकर किसानों व समाज के लिए सरकार से विद्रोह करना डॉ. सत्यपाल मलिक से सीखना चाहिए। भाकियू चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि देश को यह सरकार बर्बाद कर रही है। यह सरकार देश को अमेरिका को बेचकर उनका गुलाम बनाना चाहती है। इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए
राहुल गांधी का कार्यक्रम आया मगर वह नहीं आए
श्रद्धांजलि सभा में पिछले कई दिन से कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आने का प्रचार किया जा रहा था। उनका बुधवार सुबह करीब 11 बजे पुलिस व प्रशासन के पास कार्यक्रम आया कि वह दोपहर एक बजे हिसावदा गांव में पहुंचेंगे। इसको देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वहां रास्ते में हुआ कीचड़ हटाकर अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक की जाने लगी। इसके बाद भी वह नहीं आ सके। इसका कारण बताया जा रहा है कि संसद सत्र चलने और वहां हंगामा होने के कारण वह नहीं आ सके। वहीं यह भी चर्चा रही कि हिसावदा में अव्यवस्था के कारण वह नहीं आ सके।
इन्होंने भी श्रद्धांजलि दी
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह, अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के अध्यक्ष मनु चौधरी दांतल, जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक, जाट सभा के अध्यक्ष सोमेंद्र ढाका, कांग्रेस के प्रदेश सचिव अहमद हमीद, किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओमवीर तोमर, हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष बत्तरा, पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, प्रदीप नरवाल, बिहार के पूर्व विधायक शौकीन आलम व किसान मजदूर संगठन के उपाध्यक्ष अन्नू मलिक आदि ने भी उनको श्रद्धांजलि दी।