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Baghpat News: जैन संतों की पिच्छी पर टिप्पणी करने के विरोध में किया प्रदर्शन
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-प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पूर्व सांसद मेनका गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की
फोटो संख्या 2
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पूर्व सांसद मेनका गांधी की जैन संतों की पिच्छी पर टिप्पणी के विरोध में जैन मिलन परिवार ने शनिवार को तहसील में प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें मेनका गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
मनोज जैन और नवनीत जैन सहित कई लोगों ने कहा कि मेनका गांधी का यह बयान गलत है। उन्होंने कहा कि जैन साधु की पिच्छी के लिए मोर की हत्या की जाती है, यह बात सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिच्छी उन मोर पंखों से बनाई जाती है, जिन्हें मोर स्वयं छोड़ते हैं। इस टिप्पणी से जैन समाज में भारी रोष है। समाज के लोगों ने इसे जैन धर्म की मूल आत्मा पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि जैन संत पानी भी तीन बार छानकर पीते हैं। वे जमीन पर देखकर चलते हैं ताकि पैरों तले कोई जीव न मरे। संतों के प्रति ऐसी बयानबाजी निंदनीय है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। इस मौके पर राहुल जैन, राजेंद्र प्रसाद जैन, हर्षित जैन और पूनम जैन उपस्थित रहे।
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फोटो संख्या 2
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। पूर्व सांसद मेनका गांधी की जैन संतों की पिच्छी पर टिप्पणी के विरोध में जैन मिलन परिवार ने शनिवार को तहसील में प्रदर्शन किया। समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। इसमें मेनका गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई।
मनोज जैन और नवनीत जैन सहित कई लोगों ने कहा कि मेनका गांधी का यह बयान गलत है। उन्होंने कहा कि जैन साधु की पिच्छी के लिए मोर की हत्या की जाती है, यह बात सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिच्छी उन मोर पंखों से बनाई जाती है, जिन्हें मोर स्वयं छोड़ते हैं। इस टिप्पणी से जैन समाज में भारी रोष है। समाज के लोगों ने इसे जैन धर्म की मूल आत्मा पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने कहा कि जैन संत पानी भी तीन बार छानकर पीते हैं। वे जमीन पर देखकर चलते हैं ताकि पैरों तले कोई जीव न मरे। संतों के प्रति ऐसी बयानबाजी निंदनीय है, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। इस मौके पर राहुल जैन, राजेंद्र प्रसाद जैन, हर्षित जैन और पूनम जैन उपस्थित रहे।
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