UP: 50 किलो गेहूं के बोरे में दो किलो पानी, हर माह 45 लाख रुपये तक का नुकसान, 40 से अधिक डीलरों ने की शिकायत
बागपत में सरकारी राशन वितरण में बड़े खेल का आरोप लगा है। 40 से अधिक राशन डीलरों ने शिकायत की है कि 50 किलो गेहूं के बोरों पर पानी डालकर वजन बढ़ाया जा रहा है। पूर्ति विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
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बागपत जिले में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि गोदाम से निकलने के बाद राशन डीलरों तक पहुंचने से पहले 50 किलो गेहूं के बोरों पर पानी डालकर उनका वजन कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा रहा है। इस मामले में बागपत और बड़ौत क्षेत्र के 40 से अधिक राशन डीलरों ने लिखित शिकायत के साथ वीडियो और तस्वीरें भी अधिकारियों को सौंप दी हैं। पूर्ति विभाग ने प्रारंभिक जांच में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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गोदाम से सूखा निकलता है राशन, रास्ते में बढ़ जाता है वजन
जिले में 376 उचित दर की दुकानों के माध्यम से दो लाख चार हजार राशन कार्डधारकों और करीब 9.17 लाख लाभार्थियों को हर महीने सरकारी राशन वितरित किया जाता है। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल मिलता है।
राशन डीलरों का आरोप है कि चमरावल मार्ग स्थित गोदाम से ट्रकों में लादा गया राशन पूरी तरह सूखा होता है, लेकिन डीलरों तक पहुंचने से पहले बोरों पर पानी डाल दिया जाता है। इससे 50 किलो का बोरा 52 से 53 किलो तक का हो जाता है। ट्रकों में 200 से 400 बोरे होने के कारण एक वाहन में चार से आठ क्विंटल तक अतिरिक्त वजन बढ़ा दिया जाता है, जिसका आर्थिक नुकसान राशन डीलरों को उठाना पड़ता है।
40 से अधिक डीलरों ने सौंपे वीडियो और तस्वीरें
बड़ौत के दिनेश, प्रदीप, खड़खड़ी के राहुल, अंगदपुर की गीता देवी, इदरीशपुर के कुर्बान, हिलवाड़ी के अरविंद, बावली के अजयपाल, बागपत के जयकिशन और आनंद सहित 40 से अधिक राशन डीलरों ने पूर्ति विभाग को लिखित शिकायत दी है। शिकायत के साथ वीडियो और तस्वीरें भी सौंपी गई हैं, जिनमें ट्रकों में लदे गेहूं के बोरों पर पानी डाले जाने का दावा किया गया है।
हर महीने लाखों रुपये के नुकसान का दावा
डीलरों का कहना है कि यदि प्रत्येक बोरे में दो से तीन किलो अतिरिक्त वजन बढ़ाया जाता है तो जिले के राशन डीलरों को हर महीने लगभग 31 से 45 लाख रुपये तक का नुकसान होता है। उनका कहना है कि इसका असर अंततः राशन वितरण व्यवस्था और लाभार्थियों पर भी पड़ता है।
गरीबों के हिस्से पर पड़ सकता है असर
सरकारी राशन पर निर्भर हजारों परिवारों के लिए यह व्यवस्था जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में यदि वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो उसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ता है। डीलरों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पूर्ति विभाग ने शुरू की जांच
बड़ौत के पूर्ति निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि गोदाम से ट्रकों में राशन ले जाने के बाद पानी डालकर वजन बढ़ाने की शिकायत प्राप्त हुई है। 40 से अधिक राशन डीलरों ने लिखित शिकायत के साथ वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप सही प्रतीत हो रहे हैं। पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।