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Baghpat News: यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की बढ़ी चिंता
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बागपत। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार को भी नदी में दो फीट पानी बढ़ गया, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। जलस्तर में वृद्धि के कारण किसानों को अपनी फसलें डूबने का डर सता रहा है।
जिले में यमुना नदी के किनारे बागपत, काठा, निवाड़ा, खेड़ा हटाना, टांडा, कोताना, बदरखा, शबगा, जागोस, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, नैथला, फैजपुर निनाना, सिसाना, पाली और साकरौद सहित कई गांव बसे हुए हैं। इन गांवों के किसान यमुना खादर क्षेत्र में खेती करते हैं। पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ा गया है, जो अब बागपत पहुंच गया है।
इसके परिणामस्वरूप यमुना नदी का जलस्तर तीन फीट तक बढ़ गया है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि अभी खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। फिर भी, यमुना नदी के किनारे बनी बाढ़ चौकियों से लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
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जिले में यमुना नदी के किनारे बागपत, काठा, निवाड़ा, खेड़ा हटाना, टांडा, कोताना, बदरखा, शबगा, जागोस, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, नैथला, फैजपुर निनाना, सिसाना, पाली और साकरौद सहित कई गांव बसे हुए हैं। इन गांवों के किसान यमुना खादर क्षेत्र में खेती करते हैं। पिछले कुछ दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में पानी छोड़ा गया है, जो अब बागपत पहुंच गया है।
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इसके परिणामस्वरूप यमुना नदी का जलस्तर तीन फीट तक बढ़ गया है। हालांकि, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार ने बताया कि अभी खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। फिर भी, यमुना नदी के किनारे बनी बाढ़ चौकियों से लोगों को नदी के करीब जाने से रोका जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
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