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Baghpat News: बिना आदेश वेतन रोकने पर भड़के सचिव, हड़ताल कर धरना जारी रखा
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बागपत। जिले में ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के सचिवों ने लगातार तीसरे दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी। वेतन जारी न होने की मांग को लेकर उन्होंने विकास भवन परिसर में धरना दिया। सचिवों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। इसे रोकने का कोई लिखित आदेश भी मौजूद नहीं है।
ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार ने धरने पर बैठे हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि लगातार कार्य करने के बावजूद उनका वेतन रोका गया है। कुमार ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर वेतन रोकने की बात कही थी। हालांकि जब यह आदेश मांगा गया तो पता चला कि किसी भी अधिकारी ने लिखित में ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार जिला पंचायत राज अधिकारी खुद ही दबाव बनाने के लिए वेतन रोककर बैठे हुए हैं। सचिवों ने स्पष्ट किया है कि वेतन जारी होने और विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि खत्म होने के बाद ही वे हड़ताल खत्म करके काम पर वापस लौटेंगे। यह उनकी मुख्य मांग है।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष जोनी चौधरी ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट खर्च न करने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की थी। चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनकी क्लस्टर की फाइल को अधिकारियों ने पंद्रह दिन तक दबाए रखा था। ऐसे में बजट खर्च करना संभव नहीं था। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताया।
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-मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया
सचिवों ने जिला पंचायत राज अधिकारी को अपनी मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे अनशन शुरू करेंगे। सचिवों ने इस मामले में मंडलायुक्त से मिलकर अधिकारियों की पूरी कारगुजारी बताने की बात भी कही है। यह कदम प्रशासन पर दबाव बनाने और अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए उठाया जा रहा है।
-प्रदेश स्तर पर आंदोलन के लिए करेंगे संपर्क
ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि अभी जिला स्तर पर धरना शुरू किया है। वहीं मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर संपर्क किया जाएगा। अभी दो दिन का समय बाकी है और इसमें सुनवाई नहीं होती है तो आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर दीपा मलिक, गौरव राणा, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार तोमर, अनुज कुमार, शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
-इन कार्यों पर पड़ने लगा असर
सचिवों की हड़ताल से गांवों में विकास कार्य भी ठप होने लगे हैं, क्योंकि उनके पास ही गांवों में कार्य कराने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा फैमिली आईडी, गोशाला का संचालन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य, पेंशन, राशन कार्ड का सत्यापन सहित सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार भी सचिव ही करते हैं। इन पर भी असर पड़ता दिख रहा है।
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यह मामला उच्च अधिकारियों की जानकारी में है और उनके स्तर से इसमें निर्णय लिया जाना है। सचिवों को गांवों में खर्च के ब्योरे को दीवारों पर लिखवाने समेत कई कार्य बताए गए थे। वह कार्य शुरू हो जाएंगे तो इस समस्या का कोई हल निकल सकता है। -रमेश चंद गुप्ता, डीपीआरओ
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ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार ने धरने पर बैठे हुए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि लगातार कार्य करने के बावजूद उनका वेतन रोका गया है। कुमार ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर वेतन रोकने की बात कही थी। हालांकि जब यह आदेश मांगा गया तो पता चला कि किसी भी अधिकारी ने लिखित में ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया है। जिलाध्यक्ष के अनुसार जिला पंचायत राज अधिकारी खुद ही दबाव बनाने के लिए वेतन रोककर बैठे हुए हैं। सचिवों ने स्पष्ट किया है कि वेतन जारी होने और विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि खत्म होने के बाद ही वे हड़ताल खत्म करके काम पर वापस लौटेंगे। यह उनकी मुख्य मांग है।
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ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष जोनी चौधरी ने भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी ने डेढ़ करोड़ रुपये का बजट खर्च न करने पर विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की थी। चौधरी ने स्पष्ट किया कि उनकी क्लस्टर की फाइल को अधिकारियों ने पंद्रह दिन तक दबाए रखा था। ऐसे में बजट खर्च करना संभव नहीं था। उन्होंने इस कार्रवाई को अनुचित बताया।
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-मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया
सचिवों ने जिला पंचायत राज अधिकारी को अपनी मांगें पूरी करने के लिए दो दिन का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे अनशन शुरू करेंगे। सचिवों ने इस मामले में मंडलायुक्त से मिलकर अधिकारियों की पूरी कारगुजारी बताने की बात भी कही है। यह कदम प्रशासन पर दबाव बनाने और अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए उठाया जा रहा है।
-प्रदेश स्तर पर आंदोलन के लिए करेंगे संपर्क
ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि अभी जिला स्तर पर धरना शुरू किया है। वहीं मांगों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर संपर्क किया जाएगा। अभी दो दिन का समय बाकी है और इसमें सुनवाई नहीं होती है तो आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस मौके पर दीपा मलिक, गौरव राणा, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार तोमर, अनुज कुमार, शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
-इन कार्यों पर पड़ने लगा असर
सचिवों की हड़ताल से गांवों में विकास कार्य भी ठप होने लगे हैं, क्योंकि उनके पास ही गांवों में कार्य कराने की जिम्मेदारी है। इसके अलावा फैमिली आईडी, गोशाला का संचालन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ग्राम पंचायत से संबंधित कार्य, पेंशन, राशन कार्ड का सत्यापन सहित सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार भी सचिव ही करते हैं। इन पर भी असर पड़ता दिख रहा है।
यह मामला उच्च अधिकारियों की जानकारी में है और उनके स्तर से इसमें निर्णय लिया जाना है। सचिवों को गांवों में खर्च के ब्योरे को दीवारों पर लिखवाने समेत कई कार्य बताए गए थे। वह कार्य शुरू हो जाएंगे तो इस समस्या का कोई हल निकल सकता है। -रमेश चंद गुप्ता, डीपीआरओ