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Baghpat News: नोटिस मिलने पर भड़के सचिव, अवकाश मांगा
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बागपत। सचिवों ने चौथे दिन शुक्रवार को भी हड़ताल जारी रखी और विकास भवन परिसर में धरना दिया। इस बीच अफसरों के साथ हुई वार्ता विफल रही और मांगें पूरी करने पर ही हड़ताल खत्म करने की बात कही गई। साथ ही डीपीआरओ ने हड़ताल पर शासन से रोक होने की बात कहकर सचिवों को निलंबित करने का नोटिस दिया तो सचिवों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने आंदोलन के लिए सामूहिक तौर पर तीन महीने का अवैतनिक अवकाश मांग लिया।
विकास भवन परिसर में धरने बैठे ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार ने कहा कि वे अपना कार्य समय से करते हैं और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतते हैं। इसके बाद भी सचिवों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सभी कार्य करने के बाद भी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा रही है, जो सही नहीं है। वे अपना उत्पीड़न किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष जॉनी चौधरी ने कहा कि अफसरों की लापरवाही के कारण ही बजट खर्च करने में देरी हुई है, क्योंकि उनकी कलस्टर की फाइल को 16 दिन तक अधिकारी दबाकर बैठे रहे। यदि उन्हें कलस्टर समय से मिल जाते तो विकास कार्य समय से कराते हुए और बजट भी खर्च हो जाता।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सीडीओ अनिल कुमार सिंह व डीपीआरओ रमेश चंद गुप्ता के साथ वार्ता हुई, लेकिन वेतन जारी करने से मना कर दिया गया, जिससे वार्ता विफल हो गई। कहा कि जब तक वेतन जारी करने और प्रतिकूल प्रविष्टि खत्म करने की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं। इस मौके पर दीपा मलिक, गौरव राणा, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार तोमर, अनुज कुमार व शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे। ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि डीपीआरओ ने उन्हें हड़ताल पर रोक लगी होने की बात कहकर नोटिस जारी किया है। उसमें कहा कि यदि हड़ताल समाप्त नहीं की गई तो निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने डीपीआरओ से बिना वेतन के तीन माह का अवकाश मांगा है, जिससे आंदोलन को जारी रखा जा सके। बताया कि शनिवार को एक बार फिर सीडीओ से वार्ता की जाएगी और यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो मेरठ व लखनऊ में अफसरों से मुलाकात की जाएगी।
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विकास भवन परिसर में धरने बैठे ग्राम विकास अधिकारी-ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कुमार ने कहा कि वे अपना कार्य समय से करते हैं और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतते हैं। इसके बाद भी सचिवों का उत्पीड़न किया जा रहा है। सभी कार्य करने के बाद भी विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी जा रही है, जो सही नहीं है। वे अपना उत्पीड़न किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष जॉनी चौधरी ने कहा कि अफसरों की लापरवाही के कारण ही बजट खर्च करने में देरी हुई है, क्योंकि उनकी कलस्टर की फाइल को 16 दिन तक अधिकारी दबाकर बैठे रहे। यदि उन्हें कलस्टर समय से मिल जाते तो विकास कार्य समय से कराते हुए और बजट भी खर्च हो जाता।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को सीडीओ अनिल कुमार सिंह व डीपीआरओ रमेश चंद गुप्ता के साथ वार्ता हुई, लेकिन वेतन जारी करने से मना कर दिया गया, जिससे वार्ता विफल हो गई। कहा कि जब तक वेतन जारी करने और प्रतिकूल प्रविष्टि खत्म करने की मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
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वह किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाले हैं। इस मौके पर दीपा मलिक, गौरव राणा, प्रिंस कुमार जैन, विपिन कुमार, कृष्ण कुमार तोमर, अनुज कुमार व शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे। ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष अनिल मान ने कहा कि डीपीआरओ ने उन्हें हड़ताल पर रोक लगी होने की बात कहकर नोटिस जारी किया है। उसमें कहा कि यदि हड़ताल समाप्त नहीं की गई तो निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने डीपीआरओ से बिना वेतन के तीन माह का अवकाश मांगा है, जिससे आंदोलन को जारी रखा जा सके। बताया कि शनिवार को एक बार फिर सीडीओ से वार्ता की जाएगी और यदि समस्या का समाधान नहीं होता है तो मेरठ व लखनऊ में अफसरों से मुलाकात की जाएगी।