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Baghpat News: वेबसाइट से फर्जी रॉयल्टी बनाने वाला सातवां आरोपी यमुनानगर से गिरफ्तार

Sun, 05 Jul 2026 01:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 01:29 AM IST
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Seventh accused involved in generating fake royalties via a website arrested fromSeventh accused involved in generating fake royalties via a website arrested from Yamunanagar.Yamunanagar.
बागपत। फर्जी रॉयल्टी (इंटर स्टेट ट्रांजिट पास) बनाने के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सातवें आरोपी आशुतोष को शनिवार को यमुनानगर, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक लैब में जांच कराई जाएगी। आरोपी आशुतोष को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
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यह मामला 18 जून को मेरठ की एसटीएफ टीम द्वारा निवाड़ा गांव के इंडियन नर्सिंग होम पर मारे गए छापे से जुड़ा है। उस समय खनन सामग्री की फर्जी रॉयल्टी बनाने वाले गिरोह के सदस्य नईम, तालिब, फिरोज, आरिफ और लोनिवि के बाबू मंदीप को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लोनिवि कार्यालयों में तैनात लिपिकों और ठेकेदारों की भूमिका उजागर हुई थी। गिरोह के सदस्यों के मोबाइल से व्हाट्सएप पर फर्जी रॉयल्टी भेजने और उनसे जुड़ी चैट भी मिली थी।
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इस मामले में बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, रामपुर, सहारनपुर, कानपुर, गाजियाबाद और नोएडा के लोनिवि के दस लिपिकों और ठेकेदारों सहित कुल 23 लोगों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शासन ने पूरे मामले की जांच के लिए क्षेत्राधिकारी सुकन्या शर्मा के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया था। क्षेत्राधिकारी सुकन्या शर्मा ने बताया कि वांछित चल रहे आशुतोष को यमुनानगर से पकड़ा गया है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड खंगालने पर जेल भेजे गए निवाड़ा गांव के आरोपियों से लाखों रुपये का लेनदेन सामने आया है।
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पूछताछ में आरोपी आशुतोष ने बताया कि वह निवाड़ा गांव के साथियों द्वारा बताई गई तारीखों के अनुसार वेबसाइट से फर्जी रॉयल्टी तैयार करके भेज देता था। इस काम के बदले उसे हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपये मिलते थे। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि साथियों के पकड़े जाने के बाद आशुतोष ने अपने मोबाइल और लैपटॉप का सारा डाटा डिलीट कर दिया था। पुलिस अब इस डाटा को रिकवर करने का प्रयास कर रही है। यह गिरफ्तारी इस बड़े रैकेट की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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