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Baghpat News: बागपत में मिलों को 5000 रुपये क्विंटल तक चीनी बेचने के आदेश, मेरठ से 5700 में आ रही
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बागपत। शासन ने चीनी मिलों को पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक चीनी बेचने के आदेश जारी कर दिए और बागपत में इस आदेश को मिलों पर लागू कर दिया गया। इसके बावजूद थोक व्यापारियों को मेरठ की मिलों से अभी 5700 रुपये क्विंटल चीनी मिल रही है, जो उनके यहां से बाजार में 60 रुपये किलो तक पहुंच रही है। इसके बाद ग्राहकों को 62 रुपये किलो में चीनी मिल रही है। बागपत की तरह मेरठ के मिलों से थोक के व्यापारियों को पांच हजार रुपये क्विंटल तक चीनी मिल जाए तो यहां दाम 55 रुपये किलो तक हो सकते हैं।
यहां पांच दिन पहले तक बाजार में चीनी 65 रुपये किलो तक पहुंच गई थी और अब तीन रुपये की कमी हुई है। अब शासन ने चीनी मिलों को पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा दाम में चीनी बेचने पर जब्तीकरण की कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश का बागपत की चीनी मिलों ने पालन शुरू कर दिया, मगर मेरठ की जिन मिलों से यहां चीनी आती है, वह शुक्रवार तक भी 5700 रुपये प्रति क्विंटल तक चीनी बेच रहे हैं, इसलिए बागपत में बाजार में चीनी के दाम में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है और ग्राहकों को 62 रुपये क्विंटल तक चीनी मिल रही है क्योंकि मेरठ से चीनी यहां आने में भाड़ा समेत अन्य खर्च भी जुड़ जाता है। थोक व्यापारियों व आम लोगों ने मांग उठाई है कि बागपत में जिन जिलों के मिलों से चीनी आती है, वहां भी पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा दाम पर न बेचने के आदेश सख्ती से लागू कराए जाएं। उसके बाद आम लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
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बागपत की मिलों में ढाई लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक
बागपत की चीनी मिलों में ढाई लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक लगा हुआ है। जहां तीन दिन पहले तक चार-चार हजार क्विंटल चीनी की बिक्री हो रही थी, वहीं व्यापारियों के यहां छापा लगने और चीनी के दाम कम करने के आदेश के बाद यह बिक्री अचानक कम हो गई। मलकपुर चीनी मिल के प्रबंधक विजय जैन ने बताया कि पिछले तीन दिन में केवल 600 क्विंटल चीनी की बिक्री हुई है क्योंकि व्यापारी चीनी के दाम कम-ज्यादा होने और प्रशासन के छापामारी करने के कारण अभी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
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- मेरठ की मिल से थोक में चीनी मंगवा रहे हैं और वहां से 5700 रुपये क्विंटल चीनी मिल रही है। इसके बाद दुकानदारों को 59 से 60 रुपये तक चीनी बेची जा रही है, जो ग्राहकों को 62 रुपये किलो तक में बेच रहे हैं। यदि मिलों में दाम कम हो तो बाजार में कम दामों पर चीनी बेची जाएगी।
-विनोद गुप्ता, थोक व्यापारी
- दुकानों पर 60 रुपये में थोक में चीनी पहुंच रही है। इसके बाद ग्राहकों को 62 रुपये में चीनी दी जा रही है। अभी तक चीनी के दाम कम नहीं हुए हैं।
-अंकुर जैन, व्यापारी
- प्रदेश सरकार ने चीनी मिलों को दाम करने के निर्देश तो दे दिए हैं लेकिन बाजार में सस्ते दामों पर चीनी उपलब्ध तक नहीं कराई जा रही है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है और खर्चा बढ़ता जा रहा है।
-गौरव
- बाजार में चीनी अभी भी लोगों को 62 रुपये किलो तक मिल रही है। इससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं। चीनी महंगी होने के कारण मिठाई के दाम भी बढ़ गए हैं।
-सन्नी शर्मा
-चीनी मिलों को पांच हजार रुपये क्विंटल से अधिक दाम में चीनी नहीं बेचने के आदेश दिए गए हैं। यदि मेरठ से चीनी महंगी आ रही है तो उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा ताकि मिलों में दाम कम कराए जा सकें और लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
-अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी
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यहां पांच दिन पहले तक बाजार में चीनी 65 रुपये किलो तक पहुंच गई थी और अब तीन रुपये की कमी हुई है। अब शासन ने चीनी मिलों को पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा दाम में चीनी बेचने पर जब्तीकरण की कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस आदेश का बागपत की चीनी मिलों ने पालन शुरू कर दिया, मगर मेरठ की जिन मिलों से यहां चीनी आती है, वह शुक्रवार तक भी 5700 रुपये प्रति क्विंटल तक चीनी बेच रहे हैं, इसलिए बागपत में बाजार में चीनी के दाम में ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है और ग्राहकों को 62 रुपये क्विंटल तक चीनी मिल रही है क्योंकि मेरठ से चीनी यहां आने में भाड़ा समेत अन्य खर्च भी जुड़ जाता है। थोक व्यापारियों व आम लोगों ने मांग उठाई है कि बागपत में जिन जिलों के मिलों से चीनी आती है, वहां भी पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा दाम पर न बेचने के आदेश सख्ती से लागू कराए जाएं। उसके बाद आम लोगों को काफी राहत मिल सकती है।
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बागपत की मिलों में ढाई लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक
बागपत की चीनी मिलों में ढाई लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक लगा हुआ है। जहां तीन दिन पहले तक चार-चार हजार क्विंटल चीनी की बिक्री हो रही थी, वहीं व्यापारियों के यहां छापा लगने और चीनी के दाम कम करने के आदेश के बाद यह बिक्री अचानक कम हो गई। मलकपुर चीनी मिल के प्रबंधक विजय जैन ने बताया कि पिछले तीन दिन में केवल 600 क्विंटल चीनी की बिक्री हुई है क्योंकि व्यापारी चीनी के दाम कम-ज्यादा होने और प्रशासन के छापामारी करने के कारण अभी खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
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- मेरठ की मिल से थोक में चीनी मंगवा रहे हैं और वहां से 5700 रुपये क्विंटल चीनी मिल रही है। इसके बाद दुकानदारों को 59 से 60 रुपये तक चीनी बेची जा रही है, जो ग्राहकों को 62 रुपये किलो तक में बेच रहे हैं। यदि मिलों में दाम कम हो तो बाजार में कम दामों पर चीनी बेची जाएगी।
-विनोद गुप्ता, थोक व्यापारी
- दुकानों पर 60 रुपये में थोक में चीनी पहुंच रही है। इसके बाद ग्राहकों को 62 रुपये में चीनी दी जा रही है। अभी तक चीनी के दाम कम नहीं हुए हैं।
-अंकुर जैन, व्यापारी
- प्रदेश सरकार ने चीनी मिलों को दाम करने के निर्देश तो दे दिए हैं लेकिन बाजार में सस्ते दामों पर चीनी उपलब्ध तक नहीं कराई जा रही है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है और खर्चा बढ़ता जा रहा है।
-गौरव
- बाजार में चीनी अभी भी लोगों को 62 रुपये किलो तक मिल रही है। इससे लोग काफी परेशान हो रहे हैं। चीनी महंगी होने के कारण मिठाई के दाम भी बढ़ गए हैं।
-सन्नी शर्मा
-चीनी मिलों को पांच हजार रुपये क्विंटल से अधिक दाम में चीनी नहीं बेचने के आदेश दिए गए हैं। यदि मेरठ से चीनी महंगी आ रही है तो उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा ताकि मिलों में दाम कम कराए जा सकें और लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
-अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी