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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Baghpat News ›   The lawyer's wife was in agony at the women's hospital and was taken to a private hospital.

Baghpat News: महिला अस्पताल में तड़पती रही अधिवक्ता की पत्नी, निजी अस्पताल में लेकर गए

Sat, 27 Jun 2026 01:05 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:05 AM IST
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The lawyer's wife was in agony at the women's hospital and was taken to a private hospital.
बागपत के जिला महिला अस्पताल में सीएमएस से ​शिकायत करने जाता अ​धिवक्ता राजू। संवाद
- पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में लेकर पहुंचे थे खेकड़ा के अधिवक्ता, सीएमओ व डीएम से शिकायत की गई
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- अस्पताल में पहले ऑपरेशन से बच्चों का जन्म होने पर 72 घंटे तक रखते थे भर्ती, आरोप लगने पर 48 घंटे में घर भेज रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला महिला अस्पताल में बरामदे में प्रसव होने के बाद हंगामा हुआ तो वहां व्यवस्था सुधारने के दावे किए गए। इसके बाद भी वहां हालात नहीं सुधरे और महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार रात को खेकड़ा के अधिवक्ता राजू की पत्नी करिश्मा प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। आरोप है कि चिकित्सक उपचार करने के लिए नहीं आई और स्टाफ नर्स ही खानापूर्ति करती रही। उनको मजबूरी में पत्नी को निजी अस्पताल में लेकर जाना पड़ा। अधिवक्ता ने डीएम व सीएमओ से फोन पर शिकायत की है।
खेकड़ा के रहने वाले अधिवक्ता राजू ने बताया कि पत्नी करिश्मा को बृहस्पतिवार शाम को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में उन्हें आधा घंटे तक भर्ती के लिए इंतजार कराया गया। सीएमओ से फोन पर शिकायत के बाद ही भर्ती किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में उपचार स्टाफ नर्स द्वारा किया जा रहा था, जबकि महिला चिकित्सक को मरीज का उपचार करना चाहिए था।
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उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी लगातार प्रसव पीड़ा से परेशान रही और शिकायत करने पर ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स ने अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने फोन पर डीएम से शिकायत की। वह सही उपचार नहीं मिलने पर अपनी पत्नी को वहां से निजी अस्पताल में लेकर चले गए।
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रिश्वत के आरोप लगते ही प्रसूताओं को 48 घंटे में घर भेजने लगे
जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को दीपक की पत्नी निकेता को भर्ती नहीं करने और पांच हजार रुपये रिश्वत मांगने के स्वास्थ्य कर्मियों के आरोप लगे थे। भर्ती नहीं करने के कारण बरामदे में प्रसव होने पर हंगामा भी खूब हुआ था। इसके अलावा भी कई प्रसूताओं के परिजनों ने पांच-पांच हजार रुपये लेने का स्वास्थ्य कर्मियों पर आरोप लगाया था। इसके बाद अस्पताल से प्रसूताओं को ऑपरेशन से बच्चेस जन्म होने पर भी 48 घंटों में घर भेजा जा रहा है। जबकि इससे पहले 72 घंटों तक भर्ती रखा जाता था। अस्पताल में 24 जून में भर्ती होने वाली पूनम, गुलशन निवासी बागपत और अफसाना निवासी लोनी का ऑपरेशन हुआ और इनको 26 जून की सुबह छुट्टी देकर भेज दिया गया।
- लिफ्ट को ठीक कराया, मरीज कर सकेंगे इस्तेमाल
बागपत। जिला महिला अस्पताल की लिफ्ट पिछले कई दिनों से खराब होने के कारण मरीजों, तीमारदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शुक्रवार को दिल्ली से पहुंचे मैकेनिक ने लिफ्ट की जांच की। जांच में पता चला कि तार टूटने से लिफ्ट का गेट जाम हो गया था। तार बदलने के बाद लिफ्ट को ठीक कर दिया गया और उसकाे दोबारा शुरू कर दिया गया। लिफ्ट चालू होने से अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिली।

-- महिला अस्पताल में अधिवक्ता की पत्नी को समय पर भर्ती कर उपचार दिया गया। अस्पताल में किसी भी कर्मचारी द्वारा महिला के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया। शिकायत की गई है तो उसकी जांच करा ली जाएगी। - डॉ. अनुराग वाष्र्णेय, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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