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Baghpat News: जिस दूध से होगा भगवान शिव का अभिषेक, वह नंदी को पिलाया जाएगा
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बागपत। पुरा महादेव में जिस दूध से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा, वह दूध अब नालियों में बहकर खराब नहीं होगा। वह दूध एकत्र करके गोशालाओं में बछड़ों को पिलाया जाएगा। इसके बाद भी दूध बचता है तो उसे खराब करने की जगह कुत्तों को पिलाया जाएगा। वहां दूध को शनिवार से एकत्र करना शुरू कर दिया गया।
पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर फाल्गुनी व श्रावणी मेले लगते हैं और इन दोनों मेले में लाखों कांवड़िये व श्रद्धालु आकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। अधिकतर शिवभक्त दूध से अभिषेक करते हैं तो कोई केवल जल से अभिषेक करता है। वहां फाल्गुनी मेला शनिवार से शुरू हो गया है, जो सोमवार तक चलेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील रोहटा के अनुसार इस दौरान वहां पांच लाख तक कांवड़िये व श्रद्धालु आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह सभी भगवान शिव का दूध व जल से अभिषेक करेंगे। हर बार यह दूध नाली में बहने से खराब हो जाता था, मगर इस बार डीएम अस्मिता लाल ने नई योजना बनाई है। वहां चढ़ाए जाने वाला दूध मंदिर के बाहर ही बाल्टियों में एकत्र किया जाएगा और उसे वहां से गोशालाओं में भेजा जाएगा। उस दूध को गाय के उन बछड़ों को पिलाया जाएगा, जिनको दूध नहीं मिलता है। इसके बाद भी दूध बचेगा तो वह कुत्तों को पिलाया जाएगा।
-कल से बनाई जाएगी अगरबत्ती व धूपबत्ती
मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों व पत्तों के कारण वह गंदगी न फैले और उनको एकत्र करके इस्तेमाल किया जा सके, इसके लिए भी योजना बनाई गई है। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि वहां फूल व पत्तों को एकत्र कराना शुरू कर दिया गया है और उनसे सोमवार से अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। जिस कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह फिलहाल फूल व पत्ती को एकत्र करा रही है।
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पुरा महादेव के परशुरामेश्वर महादेव मंदिर पर फाल्गुनी व श्रावणी मेले लगते हैं और इन दोनों मेले में लाखों कांवड़िये व श्रद्धालु आकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। अधिकतर शिवभक्त दूध से अभिषेक करते हैं तो कोई केवल जल से अभिषेक करता है। वहां फाल्गुनी मेला शनिवार से शुरू हो गया है, जो सोमवार तक चलेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील रोहटा के अनुसार इस दौरान वहां पांच लाख तक कांवड़िये व श्रद्धालु आने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह सभी भगवान शिव का दूध व जल से अभिषेक करेंगे। हर बार यह दूध नाली में बहने से खराब हो जाता था, मगर इस बार डीएम अस्मिता लाल ने नई योजना बनाई है। वहां चढ़ाए जाने वाला दूध मंदिर के बाहर ही बाल्टियों में एकत्र किया जाएगा और उसे वहां से गोशालाओं में भेजा जाएगा। उस दूध को गाय के उन बछड़ों को पिलाया जाएगा, जिनको दूध नहीं मिलता है। इसके बाद भी दूध बचेगा तो वह कुत्तों को पिलाया जाएगा।
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-कल से बनाई जाएगी अगरबत्ती व धूपबत्ती
मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों व पत्तों के कारण वह गंदगी न फैले और उनको एकत्र करके इस्तेमाल किया जा सके, इसके लिए भी योजना बनाई गई है। डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि वहां फूल व पत्तों को एकत्र कराना शुरू कर दिया गया है और उनसे सोमवार से अगरबत्ती व धूपबत्ती बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। जिस कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह फिलहाल फूल व पत्ती को एकत्र करा रही है।