Baghpat News: 3600 माताओं को प्रसव पश्चात नहीं मिला जननी सुरक्षा योजना का लाभ, चार महीने से भुगतान अटका
बागपत जिले में सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बावजूद 3600 से ज्यादा महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिली। महिलाएं चार महीने से भुगतान के लिए भटक रही हैं।
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उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों का जन्म हो रहा है, मगर उनकी माताओं को सरकारी हक नहीं मिल रहा है। यह सरकारी हक प्रसव के बाद जननी सुरक्षा योजना के तहत एक हजार व 1400 रुपये है। इसको लेने के लिए चार महीने से महिलाएं भटक रही हैं और उनको शासन से अभी बजट नहीं आने की बात कहकर टरकाया जा रहा है।
मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए वर्ष 2005 में जननी सुरक्षा योजना शुरू की गई थी। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना था। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिला को सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद छुट्टी के दौरान 1400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिला को 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
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जिले में चार महीने से 3600 महिलाओं को प्रसव के बाद योजना का लाभ नहीं मिल सका है। बड़ौत की महिला वर्षा, पूजा, बबली, रेखा, मोनिका का कहना है कि उन्होंने सभी जरूरी कागजात समय पर जमा कर दिए थे। इसके बावजूद उनके खातों में एक रुपया भी नहीं आया। महिलाएं अपने हक के लिए ब्लॉक से लेकर जिले तक चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उनको टरका रहे हैं।
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जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि आज तक नहीं मिली। बच्चे का जन्म तीन महीने पहले हुआ था और इसके बाद कई बार अस्पताल व अधिकारियों के पास चक्कर लगा चुके। कोई सुनवाई नहीं हो रही। अन्नूू, आदमपुर
प्रसव के बाद कहा गया था कि जननी सुरक्षा योजना के तहत धनराशि खाते में आ जाएगी। दो महीने बीत गए हैं, लेकिन रुपये अभी तक खाते में नहीं आए हैं और अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे। आंचल, सिनौली
सरकार के स्पर्श पोर्टल में बदलाव के कारण यह परेशानी आ रही है। पोर्टल का कार्य अंतिम चरण में है और कार्य पूरा होने के बाद महिलाओं के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी। -डॉ. विजय कुमार, डिप्टी सीएमओ
