UP: भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में 11 साल से खाली बागपत की झोली, नेताओं की उम्मीद टूटी, रालोद बढ़ा रहा कुनबा
भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में लगातार 11वें साल भी बागपत को कोई अहम जिम्मेदारी नहीं मिली। वर्ष 2015 में डॉ. सत्यपाल सिंह आखिरी बार प्रदेश उपाध्यक्ष बने थे।
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भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने की नेताओं की उम्मीद टूट गई और किसी भी नेता को 11 साल बाद भी कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल सकी। इससे पहले वर्ष 2015 में आखिरी बार पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था।
2015 के बाद नहीं मिला कोई बड़ा पद
बागपत को भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में पहले कई बार अहम पद मिलते रहे हैं। ककौर के रहने वाले बीरसेन सरोहा को वर्ष 1992 में प्रदेश में महामंत्री बनाया गया था और उसके बाद भी वह कई अहम पदों पर रहे। उनके बाद पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी प्रदेश में उपाध्यक्ष रहे थे और वह किसान प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक पहुंचे। वर्ष 2015 में डॉ. सत्यपाल सिंह को प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
नई सूची से टूटी नेताओं की उम्मीद
इनके बाद जयप्रकाश तोमर और वेदपाल उपाध्याय को कार्यकारिणी सदस्य जरूर बनाया गया, मगर किसी को अहम जिम्मेदारी नहीं दी गई। इस बार बुधवार को घोषित की गई प्रदेश कार्यकारिणी में भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि बागपत को अहम पद मिल सकता है। लेकिन किसी का नाम न होने से उम्मीद उस समय टूट गई। बागपत की झोली खाली रह गई।
रालोद खूब पद सौंप रहा
भाजपा में जहां काफी प्रयास के बाद भी नेताओं को पद नहीं मिल रहे, वहीं रालोद लगातार पदाधिकारी बना रहा है। रालोद ने बुधवार को कासिमपुर खेड़ी के सतेंद्र तोमर को किसान प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय सचिव बनाया तो अंतरराष्ट्रीय महिला रेसलर कविता दलाल को महिला खेल प्रोत्साहन प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। कविता के सहारे महिलाओं व खिलाड़ियों को पार्टी से जोड़ने की योजना बनाई गई है।