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Baghpat News: नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन का मुआवजा नहीं बढ़ाएगा यूपीसीडा
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-पहले 70 फीसदी किसानों की सहमति लेकर विरोध करने वाले किसानों से वार्ता करेंगे यूपीसीडा के अफसर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में मतभेद सामने आए हैं। एक ओर जहां कुछ किसान सहमति पत्र भरने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने मुआवजे में वृद्धि की मांग को लेकर पंचायत की है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधिकारी फिलहाल मुआवजा बढ़ाने को तैयार नहीं हैं।
यूपीसीडा की प्राथमिकता 70 फीसदी से अधिक किसानों की सहमति प्राप्त करना है, जिसके लिए सूची तैयार की जा रही है। यह औद्योगिक क्षेत्र सरफाबाद, गोना, गढ़ी कलंजरी, भागोट, नवादा, फुलेरा और लहचौड़ा सहित 12 गांवों की दो हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाना है। यूपीसीडा सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की पेशकश कर रहा है। हालांकि, किसान इस मुआवजे को कम बताकर जमीन देने से इन्कार कर रहे हैं। इस मुद्दे पर यूपीसीडा के अधिकारियों और किसानों के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं लेकिन वे बेनतीजा रहीं। दूसरी बैठक में अधिकारियों ने परियोजना को रोकने की बात भी कही थी। इसके बाद कुछ किसानों ने जिलाधिकारी से मिलकर सहमति पत्र भरवाने का आग्रह किया। वहीं, दो दिन पहले फुलेरा गांव में दूसरे पक्ष के किसानों ने पंचायत कर मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग उठाई।
यूपीसीडा के अधिशासी अपर जिलाधिकारी उमेश चंद शुक्ला ने बताया कि कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। हालांकि, अधिकांश किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजा बढ़ाने का अधिकार यूपीसीडा के पास नहीं है। यह निर्णय केवल शासन की कैबिनेट द्वारा ही लिया जा सकता है। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन देने को तैयार किसानों की सूची बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि 70 फीसदी से अधिक किसानों की सहमति मिलने के बाद। विरोध करने वाले किसानों से बातचीत की जाएगी। इसका उद्देश्य सभी पक्षों को संतुष्ट कर परियोजना को आगे बढ़ाना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में मतभेद सामने आए हैं। एक ओर जहां कुछ किसान सहमति पत्र भरने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरे पक्ष ने मुआवजे में वृद्धि की मांग को लेकर पंचायत की है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के अधिकारी फिलहाल मुआवजा बढ़ाने को तैयार नहीं हैं।
यूपीसीडा की प्राथमिकता 70 फीसदी से अधिक किसानों की सहमति प्राप्त करना है, जिसके लिए सूची तैयार की जा रही है। यह औद्योगिक क्षेत्र सरफाबाद, गोना, गढ़ी कलंजरी, भागोट, नवादा, फुलेरा और लहचौड़ा सहित 12 गांवों की दो हजार हेक्टेयर जमीन पर विकसित किया जाना है। यूपीसीडा सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा देने की पेशकश कर रहा है। हालांकि, किसान इस मुआवजे को कम बताकर जमीन देने से इन्कार कर रहे हैं। इस मुद्दे पर यूपीसीडा के अधिकारियों और किसानों के बीच दो बैठकें हो चुकी हैं लेकिन वे बेनतीजा रहीं। दूसरी बैठक में अधिकारियों ने परियोजना को रोकने की बात भी कही थी। इसके बाद कुछ किसानों ने जिलाधिकारी से मिलकर सहमति पत्र भरवाने का आग्रह किया। वहीं, दो दिन पहले फुलेरा गांव में दूसरे पक्ष के किसानों ने पंचायत कर मुआवजे में बढ़ोतरी की मांग उठाई।
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यूपीसीडा के अधिशासी अपर जिलाधिकारी उमेश चंद शुक्ला ने बताया कि कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। हालांकि, अधिकांश किसान जमीन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुआवजा बढ़ाने का अधिकार यूपीसीडा के पास नहीं है। यह निर्णय केवल शासन की कैबिनेट द्वारा ही लिया जा सकता है। नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन देने को तैयार किसानों की सूची बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि 70 फीसदी से अधिक किसानों की सहमति मिलने के बाद। विरोध करने वाले किसानों से बातचीत की जाएगी। इसका उद्देश्य सभी पक्षों को संतुष्ट कर परियोजना को आगे बढ़ाना है।
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