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Baghpat News: समिति से बढ़ा विवाद तो डीएम और एसपी गए मंदिर, आज हटेगी जलहेरी
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बालैनी (बागपत)। पुरा महादेव मंदिर में लगाई गई स्टील की जलहेरी को हटाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला डीएम अस्मिता लाल और एसपी सूरज राय ने मंदिर समिति के साथ बैठक के बाद लिया। इस निर्णय से अब कांवड़िये सीधे गर्भ गृह में पहुंचकर भगवान आशुतोष का जलाभिषेक कर सकेंगे।
प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को मंदिर के पूर्वी और दक्षिणी गेट पर यह जलहेरी लगवाई थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बाहर से ही जलाभिषेक कराना था। एक ही निकास मार्ग होने से जलाभिषेक में अधिक समय लगा और श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। मंदिर समिति के पदाधिकारी शुरुआत से ही जलहेरी लगाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया था। बुधवार को जलहेरी को लेकर समिति और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। समिति के अध्यक्ष सुनील रोहटा और सचिव संजीव शर्मा ने मेले के नोडल अधिकारी एडीएम विनीत उपाध्याय व एसडीएम दिग्विजय सिंह के सामने नाराजगी जताई। समिति ने चेतावनी दी थी कि किसी भी हंगामे के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
विवाद बढ़ता देख जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज राय बृहस्पतिवार को मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सचिव संजीव शर्मा ने बताया कि जलहेरी से जलाभिषेक में अधिक समय लगता और 200 किलोमीटर दूर से आने वाले कांवड़ियों की आस्था को ठेस पहुंचती। लंबी चर्चा के बाद जलहेरी हटाने का निर्णय लिया गया। एसपी सूरज राय ने पुष्टि की कि जलहेरी शुक्रवार को हटा दी जाएगी। इस दौरान समिति मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा, अरुण शर्मा, ब्रह्मपाल प्रधान, धर्मबीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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-पहले की तरह शिवलिंग पर सीधे जल चढ़ाएंगे
मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि जलहेरी को शुक्रवार सुबह हटवा दिया जाएगा। इसके बाद कांवड़िया और श्रद्धालु अंदर जाएंगे और सीधे शिवलिंग पर जल चढ़ाएंगे। इससे किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचेगी।
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प्रशासन ने सावन के पहले सोमवार को मंदिर के पूर्वी और दक्षिणी गेट पर यह जलहेरी लगवाई थी। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बाहर से ही जलाभिषेक कराना था। एक ही निकास मार्ग होने से जलाभिषेक में अधिक समय लगा और श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। मंदिर समिति के पदाधिकारी शुरुआत से ही जलहेरी लगाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया था। बुधवार को जलहेरी को लेकर समिति और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। समिति के अध्यक्ष सुनील रोहटा और सचिव संजीव शर्मा ने मेले के नोडल अधिकारी एडीएम विनीत उपाध्याय व एसडीएम दिग्विजय सिंह के सामने नाराजगी जताई। समिति ने चेतावनी दी थी कि किसी भी हंगामे के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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विवाद बढ़ता देख जिलाधिकारी अस्मिता लाल और पुलिस अधीक्षक सूरज राय बृहस्पतिवार को मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। सचिव संजीव शर्मा ने बताया कि जलहेरी से जलाभिषेक में अधिक समय लगता और 200 किलोमीटर दूर से आने वाले कांवड़ियों की आस्था को ठेस पहुंचती। लंबी चर्चा के बाद जलहेरी हटाने का निर्णय लिया गया। एसपी सूरज राय ने पुष्टि की कि जलहेरी शुक्रवार को हटा दी जाएगी। इस दौरान समिति मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा, अरुण शर्मा, ब्रह्मपाल प्रधान, धर्मबीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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-पहले की तरह शिवलिंग पर सीधे जल चढ़ाएंगे
मुख्य पुजारी पंडित जयभगवान शर्मा ने बताया कि जलहेरी को शुक्रवार सुबह हटवा दिया जाएगा। इसके बाद कांवड़िया और श्रद्धालु अंदर जाएंगे और सीधे शिवलिंग पर जल चढ़ाएंगे। इससे किसी की आस्था को ठेस नहीं पहुंचेगी।