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Bahraich News: चाय-समोसा के साथ पूड़ी-कचौड़ी भी हुई महंगी
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:53 PM IST
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फखरपुर में बुधवार को गैस सिलिंडर लेने के लिए लगी लाइन। -संवाद
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बहराइच। जिले में गैस सिलिंडर की लगातार बनी किल्लत अब आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाल रही है। व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से होटल, ढाबा और खोमचा संचालकों ने खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ा दिए हैं। हालात ये हैं कि चाय और समोसा 13 रुपये में बिक रहा है, जबकि पूड़ी-कचौड़ी के दाम भी बढ़ गए हैं।
जिले में रसोई गैस का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खासकर ग्रामीण अंचलों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां गैस सिलिंडर पाने के लिए लोगों को सुबह चार बजे से ही लाइन लगानी पड़ रही है। फखरपुर में बुधवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। भोर से गैस सिलिंडर के लिए लाइन में लगकर घंटों इंतजार करने के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
कस्बा निवासी प्रशांत ने बताया कि सुबह चार बजे से लाइन में खड़ा हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। तीन दिन से बिना सिलिंडर के ही लौटना पड़ता है। सीता देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, खाना बनाना मुश्किल हो गया है। लकड़ी भी 20 रुपये किलो मिल रही है। बहुत दिक्कत हो रही है।
शिवकुमार ने कहा कि गैस की आपूर्ति बिल्कुल अनियमित हो गई है। हम लोग रोज लाइन में लगते हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। यही हालत नानपारा, महसी, रिसिया, नवाबगंज, रुपईडीहा, पयागपुर, कैसरगंज इलाकों में भी है। दिन भर इंतजार के बाद ग्रामीण बैरंग लौटने के लिए मजबूर हैं।
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कारोबारी भी परेशान, लागत बढ़ी
गैस सिलिंडर संकट का सबसे अधिक असर छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। होटल, ढाबा और ठेला-खोमचा के कारोबारियों को व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें महंगे दामों पर वैकल्पिक इंतजाम करना पड़ रहा है। होटल संचालक जगदीश ओर विनय ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं रहा, मजबूरी में महंगे दाम पर गैस खरीदनी पड़ती है, लकड़ी के दाम भी डेढ़ से दो गुना तक बढ़ गए हैं। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ही महंगाई से परेशान हैं, अब रोजमर्रा के नाश्ते के दाम बढ़ने से और दिक्कत हो रही है।
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नाश्ते और खाने के दाम में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी
शहर और कस्बों में अब चाय और समोसा 13 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि पहले यह 10 रुपये में उपलब्ध था। इसी तरह पूड़ी-कचौड़ी और अन्य नाश्ते के दामों में भी 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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कालाबाजारी पर लगा है अंकुश, जल्द दुरुस्त होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि आपूर्ति में असंतुलन और मांग अधिक होने के कारण यह समस्या बनी थी। अब व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। कालाबाजारी पर अंकुश लगा है, स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन से चार दिनों में पहले जैसी स्थिति हो जाएगी।
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जिले में रसोई गैस का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। खासकर ग्रामीण अंचलों में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है, जहां गैस सिलिंडर पाने के लिए लोगों को सुबह चार बजे से ही लाइन लगानी पड़ रही है। फखरपुर में बुधवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। भोर से गैस सिलिंडर के लिए लाइन में लगकर घंटों इंतजार करने के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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कस्बा निवासी प्रशांत ने बताया कि सुबह चार बजे से लाइन में खड़ा हूं, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया। तीन दिन से बिना सिलिंडर के ही लौटना पड़ता है। सीता देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं, खाना बनाना मुश्किल हो गया है। लकड़ी भी 20 रुपये किलो मिल रही है। बहुत दिक्कत हो रही है।
शिवकुमार ने कहा कि गैस की आपूर्ति बिल्कुल अनियमित हो गई है। हम लोग रोज लाइन में लगते हैं, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। यही हालत नानपारा, महसी, रिसिया, नवाबगंज, रुपईडीहा, पयागपुर, कैसरगंज इलाकों में भी है। दिन भर इंतजार के बाद ग्रामीण बैरंग लौटने के लिए मजबूर हैं।
कारोबारी भी परेशान, लागत बढ़ी
गैस सिलिंडर संकट का सबसे अधिक असर छोटे कारोबारियों पर पड़ा है। होटल, ढाबा और ठेला-खोमचा के कारोबारियों को व्यावसायिक गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें महंगे दामों पर वैकल्पिक इंतजाम करना पड़ रहा है। होटल संचालक जगदीश ओर विनय ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर मिल नहीं रहा, मजबूरी में महंगे दाम पर गैस खरीदनी पड़ती है, लकड़ी के दाम भी डेढ़ से दो गुना तक बढ़ गए हैं। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले ही महंगाई से परेशान हैं, अब रोजमर्रा के नाश्ते के दाम बढ़ने से और दिक्कत हो रही है।
नाश्ते और खाने के दाम में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी
शहर और कस्बों में अब चाय और समोसा 13 रुपये में बेचा जा रहा है, जबकि पहले यह 10 रुपये में उपलब्ध था। इसी तरह पूड़ी-कचौड़ी और अन्य नाश्ते के दामों में भी 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कालाबाजारी पर लगा है अंकुश, जल्द दुरुस्त होगी स्थिति
जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि आपूर्ति में असंतुलन और मांग अधिक होने के कारण यह समस्या बनी थी। अब व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। कालाबाजारी पर अंकुश लगा है, स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। तीन से चार दिनों में पहले जैसी स्थिति हो जाएगी।