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Bahraich News: डीलरशिप दिलाने के नाम पर कारोबारी से 19.14 लाख की ठगी
Tue, 04 Aug 2026 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 04 Aug 2026 11:47 PM IST
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बहराइच। एथर ई-बाइक की डीलरशिप दिलाने का झांसा देकर शहर की एक महिला कारोबारी से 19.14 लाख रुपये की ठगी हुई है। आरोप है कि खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने पहले डीलरशिप प्रक्रिया और दस्तावेजों के जरिये विश्वास में लिया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, एग्रीमेंट, लाइसेंस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और एनओसी शुल्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पांच किस्तों में रकम जमा करा ली। पूरी धनराशि मिलने के बाद प्रतिनिधियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और शोरूम का निरीक्षण करने भी कोई नहीं पहुंचा। दरगाह पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है।
नाजिरपुरा निवासी सायमा परवीन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह जैस-ई-बाइक्स की पंजीकृत स्वामिनी हैं। उनका ई-बाइक एजेंसी शोरूम शहर में रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को एथर ई-बाइक्स कंपनी से जुड़ा बताया और डीलरशिप दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। आरोप है कि उसने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी से भी बात कराई।
सायमा के अनुसार, डीलरशिप प्रक्रिया के नाम पर ई-मेल के जरिए एलओआई पत्र और अन्य दस्तावेज भेजे गए। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और शोरूम की लोकेशन से संबंधित जानकारी मांगी गई। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 89,090 रुपये, एग्रीमेंट शुल्क 2.95 लाख रुपये, लाइसेंस शुल्क 3.85 लाख रुपये, सिक्योरिटी डिपॉजिट 10.50 लाख रुपये और एनओसी शुल्क के नाम पर 95 हजार रुपये जमा कराए गए।
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पीड़िता के अनुसार, कुल 19,14,090 रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में पांच किस्तों में भेजे गए। 31 जुलाई को संपर्क करने पर किसी ने फोन नहीं उठाया और न ही डीलरशिप की जांच के लिए कोई प्रतिनिधि शोरूम पहुंचा। इसके बाद पीड़िता को ठगी की आशंका हुई।
प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने बताया कि महिला कारोबारी की तहरीर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक खातों की जांच कर धनराशि के निकासी पर रोक लगाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस तरह की गई ठगी
- जालसाज ने फोन कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया
डीलरशिप दिलाने की प्रक्रिया समझाकर विश्वास में लिया
ई-मेल से एलओआई और अन्य दस्तावेज भेजे
आधार, पैन कार्ड और शोरूम की जानकारी मांगी
अलग-अलग शुल्क बताकर पांच किस्तों में रकम जमा कराई
19.14 लाख रुपये मिलने के बाद फोन उठाना बंद किया
शोरूम के निरीक्षण के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा
ठगों से ऐसे बचें
किसी भी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करें। केवल फोन, ई-मेल या व्हाट्सएप पर भेजे गए दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम जमा न करें। भुगतान से पहले कंपनी का पंजीकरण, बैंक खाते का नाम और डीलरशिप अनुबंध की जांच कराएं। संदिग्ध स्थिति में कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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नाजिरपुरा निवासी सायमा परवीन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह जैस-ई-बाइक्स की पंजीकृत स्वामिनी हैं। उनका ई-बाइक एजेंसी शोरूम शहर में रोडवेज बस अड्डे के पास स्थित है। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को एथर ई-बाइक्स कंपनी से जुड़ा बताया और डीलरशिप दिलाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। आरोप है कि उसने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी से भी बात कराई।
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सायमा के अनुसार, डीलरशिप प्रक्रिया के नाम पर ई-मेल के जरिए एलओआई पत्र और अन्य दस्तावेज भेजे गए। इसके बाद आधार कार्ड, पैन कार्ड और शोरूम की लोकेशन से संबंधित जानकारी मांगी गई। आरोप है कि रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 89,090 रुपये, एग्रीमेंट शुल्क 2.95 लाख रुपये, लाइसेंस शुल्क 3.85 लाख रुपये, सिक्योरिटी डिपॉजिट 10.50 लाख रुपये और एनओसी शुल्क के नाम पर 95 हजार रुपये जमा कराए गए।
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पीड़िता के अनुसार, कुल 19,14,090 रुपये तीन अलग-अलग बैंक खातों में पांच किस्तों में भेजे गए। 31 जुलाई को संपर्क करने पर किसी ने फोन नहीं उठाया और न ही डीलरशिप की जांच के लिए कोई प्रतिनिधि शोरूम पहुंचा। इसके बाद पीड़िता को ठगी की आशंका हुई।
प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने बताया कि महिला कारोबारी की तहरीर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बैंक खातों की जांच कर धनराशि के निकासी पर रोक लगाने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस तरह की गई ठगी
- जालसाज ने फोन कर खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया
डीलरशिप दिलाने की प्रक्रिया समझाकर विश्वास में लिया
ई-मेल से एलओआई और अन्य दस्तावेज भेजे
आधार, पैन कार्ड और शोरूम की जानकारी मांगी
अलग-अलग शुल्क बताकर पांच किस्तों में रकम जमा कराई
19.14 लाख रुपये मिलने के बाद फोन उठाना बंद किया
शोरूम के निरीक्षण के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा
ठगों से ऐसे बचें
किसी भी कंपनी की डीलरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करें। केवल फोन, ई-मेल या व्हाट्सएप पर भेजे गए दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम जमा न करें। भुगतान से पहले कंपनी का पंजीकरण, बैंक खाते का नाम और डीलरशिप अनुबंध की जांच कराएं। संदिग्ध स्थिति में कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सेवा नंबर पर संपर्क करें। ठगी की आशंका होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।