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Bahraich News: डीएम ने पुनर्वास स्थल पर पहुंच तैयारियों की जानी हकीकत
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:51 AM IST
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मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट की गोद में बसे भरथापुर गांव के बहुप्रतीक्षित विस्थापन को लेकर प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभावित दौरे की सुगबुगाहट के बीच रविवार को डीएम अक्षय त्रिपाठी पूरे प्रशासनिक अमले के साथ नानपारा–लखीमपुर हाईवे किनारे सेमरहना गांव स्थित चयनित पुनर्वास स्थल पहुंचे और तैयारियों की नब्ज टटोली।
निरीक्षण के दौरान हेलीपैड, पार्किंग स्थल, सड़क व प्रस्तावित मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया गया। भरथापुर गांव 29 अक्बतूर को हुए नाव हादसे के बाद सुर्खियों में आया था, जब नौ लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
हादसे के महज चार दिन बाद दो नवंबर को मोतीपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा करते हुए एक माह की समय सीमा तय की थी। समय सीमा बीतने के बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया जमीन पर पूरी होती नहीं दिखी, जिससे प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल उठने लगे थे।
करीब तीन महीने की प्रतीक्षा के बाद 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने भरथापुर विस्थापन प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रशासनिक तंत्र एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आने लगा है।
22 बीघा जमीन चिह्नित
पुनर्वास के लिए सेमरहना के पास लगभग 22 बीघा भूमि चिह्नित की गई है, जहां सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का खाका पहले ही तैयार कर शासन को भेजा जा चुका था। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी गई है।
तहसील प्रशासन से रिपोर्ट तलब
रविवार को डीएम के नेतृत्व में पहुंचे अधिकारियों ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तहसील प्रशासन की टीम को भरथापुर भेजकर मौजूदा हालात की अलग से रिपोर्ट तलब की गई। भारत-नेपाल सीमा से सटे और दो नदियों से घिरे भरथापुर गांव की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी स्तर पर चूक से बचने की कोशिश में दिख रहा है।
एसडीएम ने कहा- कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारी देंगे
तेज निरीक्षणों, बढ़ती बैठकों और अचानक बढ़ी सक्रियता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मुख्यमंत्री का दौरा कभी भी तय हो सकता है। ऐसे में विस्थापन की अब तक की धीमी रफ्तार पर उठ रहे सवालों के बीच पूरा प्रशासनिक अमला समयबद्ध पुनर्वास की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती से जूझता नजर आ रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी मिहीपुरवा ने बताया कि अभी मैं भरथापुर जा रहा हूं, कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों द्वारा दी जाएगी ।
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निरीक्षण के दौरान हेलीपैड, पार्किंग स्थल, सड़क व प्रस्तावित मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्थाओं का बारीकी से आकलन किया गया। भरथापुर गांव 29 अक्बतूर को हुए नाव हादसे के बाद सुर्खियों में आया था, जब नौ लोगों की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
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हादसे के महज चार दिन बाद दो नवंबर को मोतीपुर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गांव को सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा करते हुए एक माह की समय सीमा तय की थी। समय सीमा बीतने के बाद भी विस्थापन की प्रक्रिया जमीन पर पूरी होती नहीं दिखी, जिससे प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल उठने लगे थे।
करीब तीन महीने की प्रतीक्षा के बाद 29 जनवरी को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने भरथापुर विस्थापन प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रशासनिक तंत्र एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आने लगा है।
22 बीघा जमीन चिह्नित
पुनर्वास के लिए सेमरहना के पास लगभग 22 बीघा भूमि चिह्नित की गई है, जहां सड़क, बिजली, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का खाका पहले ही तैयार कर शासन को भेजा जा चुका था। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज कर दी गई है।
तहसील प्रशासन से रिपोर्ट तलब
रविवार को डीएम के नेतृत्व में पहुंचे अधिकारियों ने स्थल की भौगोलिक स्थिति, पहुंच मार्ग और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तहसील प्रशासन की टीम को भरथापुर भेजकर मौजूदा हालात की अलग से रिपोर्ट तलब की गई। भारत-नेपाल सीमा से सटे और दो नदियों से घिरे भरथापुर गांव की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी स्तर पर चूक से बचने की कोशिश में दिख रहा है।
एसडीएम ने कहा- कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारी देंगे
तेज निरीक्षणों, बढ़ती बैठकों और अचानक बढ़ी सक्रियता ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मुख्यमंत्री का दौरा कभी भी तय हो सकता है। ऐसे में विस्थापन की अब तक की धीमी रफ्तार पर उठ रहे सवालों के बीच पूरा प्रशासनिक अमला समयबद्ध पुनर्वास की कसौटी पर खरा उतरने की चुनौती से जूझता नजर आ रहा है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी मिहीपुरवा ने बताया कि अभी मैं भरथापुर जा रहा हूं, कार्यक्रम की जानकारी उच्चाधिकारियों द्वारा दी जाएगी ।
